पीएम की बचत अपील के बाद बदला माहौल: कांस नहीं जाएंगे मंत्री शेलार, विदेश यात्राओं और अनावश्यक खर्चों पर लगाई जाएगी रोक

12 मई 2026
कांस नहीं जाएंगे मंत्री शेलार, विदेश यात्राओं और अनावश्यक खर्चों पर लगाई जाएगी रोक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बचत अपील का असर दिखने लगा है। महाराष्ट्र सरकार के मंत्री आशीष शेलार ने बड़ा फैसला लिया। उन्होंने फ्रांस यात्रा रद्द करने का ऐलान किया। शेलार इस साल कांस फिल्म फेस्टिवल में शामिल होने वाले थे। अब वह कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेंगे। शेलार ने कहा कि मौजूदा हालात चुनौतीपूर्ण हैं। ऐसे समय राष्ट्रीय हित सबसे ऊपर होना चाहिए। उन्होंने विभागीय खर्च घटाने का फैसला लिया है। विदेश यात्राओं और अनावश्यक खर्चों पर रोक लगाई जाएगी।

महाराष्ट्र सरकार के इस फैसले को पीएम मोदी की अपील से जोड़कर देखा जा रहा है। प्रधानमंत्री लगातार दो दिन संसाधनों की बचत करने की बात कह चुके हैं। उन्होंने पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की सलाह दी। साथ ही विदेशी यात्राएं टालने की अपील भी की। आशीष शेलार ने कहा कि अब कई बैठकें ऑनलाइन होंगी। वर्चुअल प्लेटफॉर्म के जरिए काम आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारी खर्च में संयम जरूरी है। हालांकि मराठी फिल्मों को लेकर सरकार सक्रिय रहेगी। कांस फिल्म फेस्टिवल में शामिल फिल्मों को पूरा सहयोग मिलेगा। शेलार ने कहा कि जरूरत पड़ने पर ऑनलाइन शामिल होंगे। मराठी सिनेमा के प्रमोशन में कोई कमी नहीं आएगी। शेलार महाराष्ट्र सरकार में सांस्कृतिक मामलों के मंत्री हैं। उनके पास इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभाग भी हैं।

दो दिन लगातार बोले पीएम मोदी

नरेंद्र मोदी ने 10 मई को हैदराबाद में जनसभा की थी। अगले दिन उन्होंने वडोदरा में भी लोगों को संबोधित किया। दोनों जगह उन्होंने बचत और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया। हैदराबाद में पीएम ने कहा कि लोग अनावश्यक वाहन उपयोग कम करें। उन्होंने मेट्रो और कारपूलिंग को बढ़ावा देने की बात कही। विदेश यात्राएं कुछ समय टालने की सलाह भी दी। वडोदरा में पीएम ने कहा कि जहां संभव हो पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाएं। इलेक्ट्रिक बस और मेट्रो का उपयोग बढ़ाया जाए। उन्होंने सोने की खरीद टालने की अपील भी की। खाने के तेल की खपत घटाने की सलाह दी। मोदी ने कहा कि देश पहले भी संकट झेल चुका है। कोरोना काल में देश ने मिलकर चुनौतियों का सामना किया। मौजूदा हालात से भी भारत बाहर निकल जाएगा।

सरकार बोली- ईंधन की कोई कमी नहीं

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अफवाहें तेज हुईं। कई जगह लोगों ने पेट्रोल पंपों पर भीड़ लगानी शुरू कर दी। इसके बाद केंद्र सरकार को सफाई देनी पड़ी। सरकार ने साफ कहा कि देश में ईंधन संकट नहीं है। पेट्रोल, डीजल और LPG की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है। आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि वैश्विक सप्लाई पर असर जरूर पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव भी बढ़ा है। हालांकि भारत ने सप्लाई बनाए रखने के लिए कई कदम उठाए हैं। सरकार लगातार स्थिति पर नजर रख रही है।

देश के पास 60 दिनों का तेल भंडार

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक भारत के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। विशाखापत्तनम, मंगलुरु और पादुर में बड़े भंडारण केंद्र हैं। यहां लाखों टन कच्चा तेल सुरक्षित रखा गया है। सरकार के अनुसार अभी कुल 60 दिनों का कच्चा तेल मौजूद है। प्राकृतिक गैस का भी करीब 60 दिन का भंडार है। LPG का स्टॉक करीब 45 दिन का बताया गया। हालांकि अंतरराष्ट्रीय मानकों के हिसाब से यह कम है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी 90 दिन का स्टॉक रखने की सलाह देती है। फिर भी मौजूदा भंडार सुरक्षित माना जा रहा है।

आखिर बचत की अपील क्यों

एक्सपर्ट्स का कहना है कि चिंता केवल सप्लाई की नहीं है। असली दबाव बढ़ती कीमतों का है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से खरीदता है। इसके लिए डॉलर में भुगतान करना पड़ता है। जंग और तनाव के कारण तेल महंगा हो गया है। इससे देश पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। विदेशी मुद्रा भंडार पर असर पड़ सकता है। इसी वजह से सरकार बचत पर जोर दे रही है।

पेट्रोल-डीजल महंगे होने के संकेत

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतें बढ़ सकती हैं। तेल कंपनियों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। अनुमान लगाया जा रहा है कि पेट्रोल और डीजल महंगे हो सकते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार कीमतों में चार से पांच रुपए तक बढ़ोतरी संभव है। LPG सिलेंडर भी महंगा हो सकता है। आने वाले दिनों में बाजार की स्थिति अहम रहेगी।

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