दिलीप गावित ने रिकॉर्ड के साथ जीता गोल्ड: 100 मीटर टी47 में भारत ने बनाया दबदबा, भारत की झोली में आए दो पदक

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की पैरा-एथलेटिक्स प्रतियोगिता भारत के लिए यादगार साबित हुई। पुरुषों की 100 मीटर टी47 स्पर्धा में दिलीप महादु गावित ने 10.71 सेकंड का समय निकालते हुए नया गेम्स रिकॉर्ड बनाया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उनके साथ दौड़ रहे भारत के मोहम्मद बासिल मोर्सिंगनाकथी ने 10.83 सेकंड का अपना सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता। इंग्लैंड के केविन सैंटोस 10.85 सेकंड के समय के साथ कांस्य पदक पर रहे। वहीं, ऑस्ट्रेलिया के जेडन पेज 10.97 सेकंड के साथ चौथे स्थान पर रहे।
इस प्रदर्शन के साथ पैरा-एथलेटिक्स में भारत को तीसरा स्वर्ण पदक मिला। इससे पहले वेटलिफ्टर मीराबाई चानू और महिलाओं की शॉट पुट एफ57 स्पर्धा में शर्मिला भी स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। ग्लासगो में भारतीय खिलाड़ियों के इस प्रदर्शन ने पैरा-एथलेटिक्स में देश की बढ़ती ताकत को एक बार फिर साबित किया। गोल्ड और सिल्वर के इस शानदार प्रदर्शन से भारत के कुल पदकों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। इसमें तीन स्वर्ण, नौ रजत और तीन कांस्य पदक शामिल हैं।
संघर्ष से सफलता तक का सफर
महाराष्ट्र के नासिक के पास स्थित तोरण डोंगरी गांव के किसान परिवार से आने वाले दिलीप गावित का सफर प्रेरणादायक रहा है। पांच वर्ष की उम्र में पेड़ से गिरने के कारण उनके दाहिने हाथ में गंभीर चोट लगी थी। समय पर उपचार नहीं मिलने से चोट गैंग्रीन में बदल गई और डॉक्टरों को उनकी कोहनी के नीचे से हाथ काटना पड़ा। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपने सपनों को नहीं छोड़ा और गांव की धूल भरी सड़कों पर अभ्यास जारी रखा। बाद में कोच वैजनाथ काले ने उनकी प्रतिभा को पहचानकर उन्हें पेशेवर पैरा-एथलेटिक्स की दिशा में आगे बढ़ाया। गावित इससे पहले 2022 एशियन पैरा गेम्स की पुरुषों की 400 मीटर टी47 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। यह उस प्रतियोगिता में भारत का ऐतिहासिक 100वां पदक था। उन्होंने पेरिस 2024 पैरालंपिक में भी पुरुषों की 400 मीटर टी47 स्पर्धा के फाइनल तक पहुंचकर अपनी क्षमता का परिचय दिया था।
अधूरा नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर
ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।









