28 साल बाद वर्ल्ड कप में लौटा नॉर्वे: हालैंड के डबल स्ट्राइक से इराक चित, 4-1 से दी करारी शिकस्त

फीफा वर्ल्ड कप में 28 वर्षों बाद वापसी कर रही नॉर्वे ने अपने अभियान की शानदार शुरुआत की है। बुधवार को खेले गए मुकाबले में नॉर्वे ने इराक को 4-1 से हराकर दमदार जीत दर्ज की। टीम की इस जीत के नायक स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड रहे, जिन्होंने दो शानदार गोल दागकर विपक्षी टीम की उम्मीदों को करारा झटका दिया। हालैंड के अलावा लियो ओस्टिगार्ड ने भी एक गोल किया। वहीं इराक के कप्तान आयमेन हुसैन के आत्मघाती गोल ने नॉर्वे की जीत को और आसान बना दिया। इस परिणाम के साथ नॉर्वे ने यह संदेश दे दिया कि वह इस बार टूर्नामेंट में केवल भाग लेने नहीं, बल्कि प्रभाव छोड़ने आई है।
मुकाबले की शुरुआत दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर के साथ हुई। नॉर्वे ने शुरुआती मिनटों से ही आक्रामक रुख अपनाया और एर्लिंग हालैंड ने शानदार फिनिशिंग करते हुए टीम को बढ़त दिला दी। हालांकि इराक ने भी जल्दी जवाब दिया। आयमेन हुसैन ने गोल कर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। इसके बाद मैच रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया। लेकिन हाफ टाइम से ठीक पहले हालैंड ने अपना दूसरा गोल दागकर नॉर्वे को 2-1 की महत्वपूर्ण बढ़त दिला दी। दूसरे हाफ में नॉर्वे ने खेल पर पूरी तरह नियंत्रण बना लिया। कप्तान मार्टिन ओडेगार्ड के नेतृत्व में मिडफील्ड ने बेहतरीन तालमेल दिखाया। लगातार इराकी रक्षा पंक्ति पर दबाव बनाए रखा। इसी दौरान लियो ओस्टिगार्ड ने तीसरा गोल कर बढ़त को मजबूत कर दिया। मैच के अंतिम क्षणों में इराक के आयमेन हुसैन से हुई गलती ने नॉर्वे को चौथा गोल दिला दिया। जब गेंद उनके ही पैरों से निकलकर अपने गोलपोस्ट में चली गई।
1998 के बाद पहली बार विश्व मंच पर नॉर्वे
नॉर्वे के लिए यह मुकाबला ऐतिहासिक महत्व का रहा। टीम ने आखिरी बार 1998 में फीफा वर्ल्ड कप के फाइनल चरण में हिस्सा लिया था। लगभग तीन दशक के लंबे इंतजार के बाद विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर वापसी करने वाली टीम ने जीत के साथ अपने अभियान का आगाज कर प्रशंसकों को जश्न मनाने का मौका दिया।
मजबूत डिफेंस और संतुलित टीमवर्क बना जीत की कुंजी
इराक की टीम अनुभवी और युवा खिलाड़ियों के संतुलित मिश्रण के साथ मैदान में उतरी थी। अली अल-हमादी, जिदान इकबाल, आमिर अल-अम्मारी और अली जासिम जैसे खिलाड़ियों से टीम को काफी उम्मीदें थीं। लेकिन नॉर्वे की मजबूत डिफेंस लाइन ने उन्हें ज्यादा अवसर नहीं दिए। जूलियन रयर्सन समेत रक्षापंक्ति के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इराकी आक्रमण को प्रभावी नहीं होने दिया। हालैंड के डबल गोल और टीम के संतुलित प्रदर्शन की बदौलत नॉर्वे ने 28 साल बाद वर्ल्ड कप में अपनी वापसी को यादगार बना दिया। अब टीम की नजर अगले मुकाबलों में भी इसी लय को बरकरार रखने पर होगी।
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