सेंट्रल बैंक में हिस्सेदारी बेचेगी सरकार: OFS से जुटाएगी 2,455 करोड़ रुपये, 25 मई की बोली पर निवेशकों की नजर

केंद्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में अपनी आठ प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है। यह हिस्सेदारी ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बेची जाएगी, जिससे सरकार करीब 2,455 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है। सरकार ने इस OFS के लिए 31 रुपये प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है, जो बैंक के पिछले कारोबारी दिन के क्लोजिंग प्राइस 33.94 रुपये से करीब 8.5 प्रतिशत कम है। सरकार के इस फैसले के बाद शुक्रवार को शेयर बाजार में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के शेयरों पर दबाव देखने को मिला और स्टॉक में पांच प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। बाजार में शेयर करीब 32 रुपये के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया।
डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, OFS प्रक्रिया नॉन-रिटेल निवेशकों के लिए 22 मई 2026 को खोली गई है, जबकि रिटेल निवेशक और बैंक के कर्मचारी 25 मई 2026 को इसमें भाग ले सकेंगे। निवेशक सुबह 9:15 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक अपनी बोली लगा सकेंगे। सरकार ने बेस ऑफर के तहत चार प्रतिशत हिस्सेदारी यानी 36.20 करोड़ इक्विटी शेयर बेचने का प्रस्ताव रखा है। यदि बाजार से बेहतर डिमांड मिलती है, तो ग्रीन शू ऑप्शन के जरिए अतिरिक्त चार प्रतिशत हिस्सेदारी भी बेची जा सकती है।
सरकार की हिस्सेदारी घटाने की रणनीति का हिस्सा
वर्तमान में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में सरकार की हिस्सेदारी 89.27 प्रतिशत है। यह बिक्री सरकार की विनिवेश नीति और पब्लिक शेयरहोल्डिंग नियमों के अनुपालन की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है। OFS डॉक्यूमेंट के मुताबिक, नॉन-रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व शेयरों में से कम से कम 25 प्रतिशत हिस्सा म्यूचुअल फंड और इंश्योरेंस कंपनियों को आवंटित किया जाएगा, बशर्ते उनकी बोली फ्लोर प्राइस या उससे ऊपर हो। इसके अलावा रिटेल निवेशकों के लिए 10 प्रतिशत कोटा रिजर्व रखा गया है।
कर्मचारियों को भी मिलेगा हिस्सा खरीदने का मौका
बैंक कर्मचारियों के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। पात्र कर्मचारियों के लिए 75 लाख शेयर अलग से निर्धारित किए गए हैं। कर्मचारी 5 लाख रुपये तक के शेयरों के लिए आवेदन कर सकेंगे। साथ ही वे रिटेल कैटेगरी में भी अलग से बोली लगाने के पात्र होंगे। कर्मचारियों की पात्रता बैंक द्वारा उपलब्ध कराए गए पैन डिटेल्स के आधार पर तय की जाएगी।
बाजार में जारी रहेगी सामान्य ट्रेडिंग
सरकार ने स्पष्ट किया है कि OFS प्रक्रिया के दौरान भी बैंक के शेयर सामान्य रूप से शेयर बाजार में ट्रेड करते रहेंगे। हालांकि, बाजार परिस्थितियों या पर्याप्त मांग न मिलने जैसी स्थितियों में इस ऑफर को वापस भी लिया जा सकता है। इस पूरे ट्रांजैक्शन के लिए गोल्डमैन सैक्स इंडिया सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड को ब्रोकर नियुक्त किया गया है। यह OFS प्रक्रिया SEBI के दिशा-निर्देशों और स्टॉक एक्सचेंज के नियमों के तहत आयोजित की जा रही है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी बैंकों में हिस्सेदारी बिक्री का यह कदम पूंजी बाजार में निवेशकों की भागीदारी बढ़ाने और सरकार के विनिवेश लक्ष्य को पूरा करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
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