एयरटेल बनी देश की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी: HDFC बैंक को छोड़ा पीछे, डेटा सेंटर और फाइनेंशियल सर्विसेज पर बड़ा दांव

देश की दिग्गज टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल ने बाजार पूंजीकरण के मामले में नया मुकाम हासिल करते हुए निजी क्षेत्र के दिग्गज बैंक HDFC Bank को पीछे छोड़ दिया है। सोमवार को शेयर बाजार में कारोबार के दौरान एयरटेल के शेयरों में करीब दो प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई है। जिसके बाद कंपनी का मार्केट कैप लगभग 12 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इस उछाल के साथ एयरटेल देश की दूसरी सबसे वैल्यूएबल कंपनी बन गई। हालांकि बाजार बंद होने तक मामूली उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन पूरे दिन एयरटेल के शेयर निवेशकों के आकर्षण का केंद्र बने रहे। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी के मजबूत बिजनेस मॉडल, बढ़ते ग्राहक आधार और भविष्य की विस्तार योजनाओं ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है।
सोमवार को एयरटेल का शेयर कारोबार के दौरान 1,953.8 रुपये के उच्च स्तर तक पहुंच गया। इसके साथ ही कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण करीब 12 लाख करोड़ रुपये आंका गया। वहीं दूसरी ओर HDFC बैंक का मार्केट कैप घटकर लगभग 11.8 लाख करोड़ रुपये रह गया। हालांकि बाजार बंद होने पर एयरटेल का शेयर 1.66 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,937 रुपये पर बंद हुआ और उसका मार्केट कैप 11.6 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। दूसरी तरफ HDFC बैंक का शेयर मामूली तेजी के साथ बंद हुआ और उसका मार्केट कैप फिर बढ़कर 11.84 लाख करोड़ रुपये हो गया। इसके बावजूद पूरे कारोबारी सत्र में एयरटेल की बढ़त चर्चा का विषय बनी रही।
एक सप्ताह में 10% चढ़े एयरटेल के शेयर
पिछले एक सप्ताह के दौरान एयरटेल के शेयरों में करीब 10 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है, जबकि इसी अवधि में HDFC बैंक के शेयरों में सिर्फ एक प्रतिशत का उछाल देखने को मिला। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, एयरटेल के बेहतर वित्तीय प्रदर्शन और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ते निवेश ने कंपनी को मजबूत स्थिति में पहुंचाया है। फिलहाल देश की सबसे मूल्यवान कंपनी Reliance Industries बनी हुई है, जिसका बाजार पूंजीकरण करीब 18 लाख करोड़ रुपये है। HDFC बैंक को हाल के दिनों में एक और झटका तब लगा, जब बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद बैंक के शेयरों पर दबाव बढ़ गया। पिछले छह महीनों में HDFC बैंक के शेयरों में करीब 22 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि नेतृत्व में बदलाव और बाजार की अनिश्चितताओं ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है।
मुनाफे में गिरावट, लेकिन कारोबार में मजबूत बढ़त
वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में एयरटेल का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 33.5 प्रतिशत घटकर 7,325 करोड़ रुपये रहा। पिछले वर्ष इसी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 11,021 करोड़ रुपये था। हालांकि तिमाही आधार पर कंपनी के लाभ में 10 प्रतिशत से अधिक की बढ़त देखने को मिली। वहीं ऑपरेशंस से होने वाला राजस्व 15.6 प्रतिशत बढ़कर 55,383 करोड़ रुपये पहुंच गया। कंपनी के भारतीय मोबाइल कारोबार में भी मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है। एयरटेल का एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) बढ़कर 257 रुपये हो गया है, जो पिछले वर्ष 245 रुपये था। यह संकेत देता है कि कंपनी प्रति ग्राहक अधिक कमाई करने में सफल हो रही है। कंपनी अब डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क और फाइनेंशियल सर्विसेज पर बड़ा निवेश करने जा रही है।
56 एज डेटा सेंटर स्थापित करेगी कंपनी
एयरटेल ने अगले 18 से 24 महीनों में देशभर में 56 एज डेटा सेंटर स्थापित करने की योजना बनाई है। कंपनी का कहना है कि इससे डेटा प्रोसेसिंग की स्पीड बढ़ेगी और इंटरनेट सेवाएं अधिक तेज और स्थिर होंगी। इसके अलावा कंपनी नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में भी 20 हजार करोड़ रुपये निवेश करने की तैयारी कर रही है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल और डेटा आधारित सेवाओं में यह निवेश भविष्य में एयरटेल को और मजबूत बना सकता है।
अधूरा नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर
ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।
वेबसाइट पर ही पढ़ें








