सोना-चांदी में फिर बड़ी तेजी: गोल्ड 1168 और सिल्वर 2181 रुपये हुई महंगी, रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब पहुंचीं कीमतें

19 मई 2026
गोल्ड 1168 और सिल्वर 2181 रुपये हुई महंगी, रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब पहुंचीं कीमतें

इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के ताजा आंकड़ों के अनुसार मंगलवार को सोना और चांदी की कीमतों में एक बार फिर जोरदार उछाल दर्ज किया गया। 24 कैरेट सोने की कीमत 1168 रुपए बढ़कर 10 ग्राम पर 1.59 लाख रुपए पहुंच गई, जबकि चांदी 2181 रुपए महंगी होकर 2.70 लाख रुपए प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई। कीमती धातुओं में लगातार हो रही बढ़ोतरी से निवेशकों के साथ-साथ ज्वेलरी बाजार में भी हलचल तेज हो गई है। कारोबारी इसे वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, डॉलर में उतार-चढ़ाव और बढ़ती निवेश मांग का असर मान रहे हैं।

साल 2026 में सोने और चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक तेजी देखने को मिली है। आंकड़ों के मुताबिक, इस वर्ष अब तक सोना करीब 26 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम महंगा हो चुका है। 31 दिसंबर 2025 को सोने की कीमत 1.33 लाख रुपए थी, जो अब बढ़कर 1.59 लाख रुपए तक पहुंच गई है। वहीं चांदी भी इस दौरान 2.30 लाख रुपए प्रति किलो से बढ़कर 2.70 लाख रुपए के स्तर पर पहुंच गई। यानी चांदी की कीमतों में करीब 40 हजार रुपए प्रति किलो की वृद्धि दर्ज की गई है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक अस्थिरता और सुरक्षित निवेश विकल्पों की बढ़ती मांग के चलते निवेशक तेजी से गोल्ड और सिल्वर की ओर रुख कर रहे हैं। यही वजह है कि घरेलू बाजार में भी कीमतें लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही हैं।

जनवरी में बना था ऑलटाइम हाई रिकॉर्ड

इस वर्ष जनवरी महीने में सोने और चांदी ने अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर को भी छुआ था। 29 जनवरी को 10 ग्राम सोना 1.76 लाख रुपए तक पहुंच गया था, जबकि चांदी का भाव 3.86 लाख रुपए प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर तक चला गया था। हालांकि बाद में बाजार में कुछ गिरावट देखने को मिली, लेकिन अब एक बार फिर कीमतों में तेजी लौट आई है। ज्वेलरी कारोबारियों का कहना है कि शादी-विवाह के सीजन और निवेश मांग के कारण बाजार में खरीदारी बनी हुई है।

इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से भी बढ़ी कीमतें

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार द्वारा सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाना भी कीमतों में तेजी की बड़ी वजह है। सरकार ने हाल ही में सोने-चांदी के आयात पर लगने वाली कुल ड्यूटी 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दी है। इसमें 10 प्रतिशत बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5 प्रतिशत एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) शामिल है। आयात महंगा होने से घरेलू बाजार में भी कीमतों पर सीधा असर पड़ा है।

खरीदारी से पहले बरतें सावधानी

ज्वेलरी एक्सपर्ट्स का कहना है कि लगातार बढ़ती कीमतों के बीच ग्राहकों को खरीदारी करते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए। ग्राहकों को हमेशा BIS हॉलमार्क वाला प्रमाणित सोना ही खरीदना चाहिए। हॉलमार्क से सोने की शुद्धता की पुष्टि होती है। इसके अलावा खरीदारी से पहले अलग-अलग विश्वसनीय स्रोतों से उस दिन का रेट जरूर जांच लेना चाहिए, ताकि ग्राहकों को सही कीमत पर शुद्ध ज्वेलरी मिल सके।

निवेशकों की नजर आगे की चाल पर

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और डॉलर की स्थिति के आधार पर सोने-चांदी की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। हालांकि फिलहाल निवेशकों का भरोसा कीमती धातुओं पर बना हुआ है, जिसके चलते बाजार में तेजी का माहौल कायम है।

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