मेटा में फिर बड़ी छंटनी: सुबह-सुबह भेजे नौकरी खत्म होने के ईमेल, एआई पर फोकस के लिए 8 हजार कर्मचारियों की छुट्टी

6 घंटे पहले
सुबह-सुबह भेजे नौकरी खत्म होने के ईमेल, एआई पर फोकस के लिए 8 हजार कर्मचारियों की छुट्टी

दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी मेटा में एक बार फिर बड़े स्तर पर छंटनी का दौर शुरू हो गया है। इस बार कंपनी ने कर्मचारियों को हटाने के लिए बेहद शांत और रणनीतिक तरीका अपनाया, जिसने पूरी टेक इंडस्ट्री को चौंका दिया। कंपनी ने पहले अपने कर्मचारियों को अचानक ‘वर्क फ्रॉम होम’ करने का निर्देश दिया और फिर तड़के सुबह ईमेल भेजकर हजारों लोगों की नौकरी समाप्त कर दी। जानकारी के अनुसार मेटा अपनी कुल वर्कफोर्स का करीब 10 प्रतिशत हिस्सा यानी लगभग 8 हजार कर्मचारियों को बाहर कर रही है। इस फैसले के बाद कंपनी के अंदर भय, असुरक्षा और असंतोष का माहौल गहरा गया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक छंटनी की प्रक्रिया की शुरुआत सिंगापुर ऑफिस से हुई, जहां कर्मचारियों को स्थानीय समयानुसार सुबह चार बजे नौकरी समाप्त होने के ईमेल भेजे गए। इसके बाद अलग-अलग टाइम जोन के अनुसार दुनिया भर के कर्मचारियों को इसी तरह सूचनाएं दी गईं। कंपनी का उद्देश्य स्पष्ट रूप से ऑफिस परिसर में किसी भी प्रकार के विरोध, तनाव या अव्यवस्था से बचना था। कर्मचारियों को घर से काम करने का निर्देश देकर मेटा ने पूरे ऑपरेशन को बेहद नियंत्रित और शांत तरीके से अंजाम दिया। इस फैसले ने कर्मचारियों को मानसिक रूप से झकझोर दिया है, क्योंकि कई लोगों को नौकरी जाने की आशंका तक नहीं थी।

एआई रणनीति के तहत बदल रहा कंपनी का ढांचा

मेटा में हो रही इस बड़ी छंटनी के पीछे सबसे बड़ा कारण कंपनी का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई पर बढ़ता फोकस माना जा रहा है। कंपनी अब पारंपरिक बड़े वर्कफोर्स मॉडल की जगह छोटे, तेज और अधिक जवाबदेह एआई-नेटिव टीमों पर काम करना चाहती है। कंपनी की चीफ पीपल ऑफिसर जेनेल गेल ने एक इंटरनल मेमो में स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में मेटा का पूरा बिजनेस मॉडल एआई आधारित टेक्नोलॉजी पर केंद्रित रहेगा। इसके तहत 7 हजार कर्मचारियों की भूमिकाएं बदली जाएंगी, जबकि करीब 6 हजार खाली पदों को हमेशा के लिए समाप्त किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार कंपनी इंजीनियरिंग और प्रोडक्ट टीमों में बड़े स्तर पर पुनर्गठन कर रही है। मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग भविष्य की टेक्नोलॉजी के रूप में एआई को सबसे बड़ी प्राथमिकता दे रहे हैं। कंपनी इस वर्ष एआई प्रोजेक्ट्स पर भारी निवेश करने की तैयारी में है। जानकारों का मानना है कि मेटा अब कम कर्मचारियों और अधिक ऑटोमेशन के साथ खुद को नई तकनीकी दौड़ में सबसे आगे रखना चाहती है।

कर्मचारियों में असंतोष

छंटनी की खबरें पिछले महीने से ही लीक हो रही थीं, जिसके कारण कर्मचारियों का मनोबल लगातार गिर रहा था। कई कर्मचारी इस डर में जी रहे थे कि उनकी नौकरी कभी भी जा सकती है। इसी बीच कंपनी पर कर्मचारियों की गतिविधियों की निगरानी करने के आरोप भी लगे। खबरें सामने आईं कि एआई सिस्टम को ट्रेन करने के लिए कर्मचारियों के माउस मूवमेंट और कीबोर्ड टाइपिंग तक को ट्रैक किया जा रहा था। इस कथित निगरानी को लेकर कर्मचारियों में भारी नाराजगी देखने को मिली और करीब एक हजार कर्मचारियों ने ऑनलाइन पिटीशन पर हस्ताक्षर कर विरोध जताया।

पूरी टेक इंडस्ट्री में जारी है छंटनी का दौर

एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह संकट केवल मेटा तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी टेक इंडस्ट्री बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। हाल के महीनों में सिसको, ओरेकल, माइक्रोसॉफ्ट और अमेजन जैसी कंपनियां भी बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी कर चुकी हैं। टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में केवल वही प्रोफेशनल्स टिक पाएंगे, जो एआई को सिर्फ इस्तेमाल ही नहीं, बल्कि उसे डिजाइन और मैनेज करना भी जानते हों। अब टेक इंडस्ट्री में सिर्फ कोडिंग जानना पर्याप्त नहीं माना जा रहा, बल्कि भविष्य ‘सिस्टम बनाने वालों’ का होगा।

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