ट्रम्प का चीन मिशन: नौ लाख करोड़ की विमान डील पर नजर, ईरान युद्ध पर भी होगी बड़ी बातचीत

13 मई 2026
 नौ लाख करोड़ की विमान डील पर नजर, ईरान युद्ध पर भी होगी बड़ी बातचीत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प बुधवार को चीन पहुंच गए। आठ साल बाद उनका यह बड़ा दौरा हुआ। बीजिंग एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया। चीनी उपराष्ट्रपति हान जेंग मौजूद रहे। सीनियर डिप्लोमैट शी फेंग ने भी अगवानी की। ट्रम्प 15 मई तक चीन में रहेंगे। इस दौरान कई अहम बैठकों का कार्यक्रम तय है।

इस दौरे का सबसे बड़ा आकर्षण विमान सौदा माना जा रहा। चीन और अमेरिका के बीच बड़ी डील संभव दिख रही। रिपोर्ट्स में नौ लाख करोड़ रुपए की चर्चा है। चीन बड़ी संख्या में बोइंग विमान खरीद सकता है। इसमें 500 बोइंग 737 मैक्स शामिल बताए जा रहे। साथ ही 100 ड्रीमलाइनर विमान खरीदने की संभावना है। कुछ 777X वाइडबॉडी विमान भी सौदे में रहेंगे। अगर समझौता हुआ तो नया रिकॉर्ड बनेगा। अमेरिकी विमान निर्माता बोइंग के लिए यह डील बेहद अहम मानी जा रही। हाल के वर्षों में कंपनी कई संकटों से गुजरी। ऐसे में चीन से बड़ा ऑर्डर राहत दे सकता है।

ट्रम्प के साथ पहुंचे बड़े कारोबारी

ट्रम्प के साथ कई अमेरिकी उद्योगपति भी पहुंचे हैं। इनमें इलॉन मस्क, एप्पल CEO टिम कुक शामिल हैं। बोइंग कंपनी के शीर्ष अधिकारी भी प्रतिनिधिमंडल में मौजूद हैं। कुल 17 बड़े कारोबारी चीन दौरे में शामिल बताए गए। हालांकि Jensen Huang इस दौरे का हिस्सा नहीं हैं। एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि ट्रम्प आर्थिक रिश्ते मजबूत करना चाहते हैं। चीन भी व्यापारिक तनाव कम करने का संकेत दे रहा।

ईरान युद्ध पर ट्रम्प का बड़ा बयान

बीजिंग रवाना होने से पहले ट्रम्प ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान मामले में चीन की जरूरत नहीं। ट्रम्प ने साफ कहा कि अमेरिका यह युद्ध जीतेगा। उनका कहना था कि सबसे अहम मुद्दा परमाणु हथियार हैं। ईरान को परमाणु ताकत बनने नहीं दिया जाएगा। पत्रकारों ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर भी सवाल पूछा। इस पर ट्रम्प ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनका पूरा फोकस राष्ट्रीय सुरक्षा पर है।

मार्को रुबियो पर चीन ने निकाला नया रास्ता

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी ट्रम्प के साथ पहुंचे हैं। खास बात यह रही कि चीन पहले ही रुबियो पर प्रतिबंध लगा चुका था। रुबियो लगातार चीन की आलोचना करते रहे हैं। उन्होंने उइगर मुसलमानों और हांगकांग मुद्दे उठाए थे। अब चीन ने तकनीकी रास्ता निकाल लिया। चीन ने रुबियो के नाम की स्पेलिंग बदल दी। चीनी भाषा में नया ट्रांसलिटरेशन इस्तेमाल किया गया। माना जा रहा है कि इसी वजह से यात्रा संभव हुई। पुराने प्रतिबंध नए नाम पर लागू नहीं माने गए।

जिनपिंग देंगे ट्रम्प को स्टेट डिनर

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ट्रम्प के सम्मान में स्टेट डिनर देंगे। यह कार्यक्रम बीजिंग के ग्रेट हॉल में हो सकता है। चीन में ऐसे आयोजनों को बड़ा कूटनीतिक सम्मान माना जाता है। इस डिनर में सीनियर अधिकारी शामिल होंगे। बड़े कारोबारी प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। एक्सपर्ट्स का कहना है कि चीन सकारात्मक संदेश देना चाहता। वह अमेरिका के साथ रिश्तों को अहम दिखाना चाहता।

चार बड़े मुद्दों पर होगी निर्णायक चर्चा

दोनों नेताओं के बीच कई अहम मुद्दों पर बातचीत होगी। सबसे बड़ा मुद्दा ट्रेड टैरिफ विवाद रहेगा। अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक तनाव अभी जारी है। ताइवान का मुद्दा भी एजेंडे में शामिल रहेगा। अमेरिका की हथियार बिक्री पर चीन नाराज है। ट्रम्प इस मामले पर सीधी बातचीत कर सकते हैं। रेयर अर्थ मिनरल्स पर भी चर्चा होगी। चीन इस क्षेत्र का सबसे बड़ा सप्लायर है। अमेरिका अपनी निर्भरता कम करना चाहता है। AI और सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी भी बातचीत का अहम हिस्सा रहेंगी। कृषि व्यापार पर भी फोकस रहेगा। चीन अमेरिकी सोयाबीन का बड़ा खरीदार रहा है। ट्रेड वॉर के बाद खरीद में गिरावट आई थी। अब दोनों देश नए रास्ते तलाश सकते हैं।

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