महंगे सप्लीमेंट्स नहीं, अपनाएं देसी सुपरफूड्स: इम्यूनिटी होगी मजबूत, कई गंभीर बीमारियों का खतरा होगा कम

फिटनेस और बेहतर स्वास्थ्य की बढ़ती जागरूकता के बीच आज बड़ी संख्या में लोग महंगे सप्लीमेंट्स और विदेशी सुपरफूड्स की ओर आकर्षित हो रहे हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि मजबूत शरीर और बेहतर सेहत के लिए केवल महंगे प्रोडक्ट्स पर निर्भर रहना जरूरी नहीं है। भारतीय पारंपरिक खानपान में ऐसे अनेक प्राकृतिक खाद्य पदार्थ मौजूद हैं, जो शरीर को संपूर्ण पोषण देने के साथ इम्यूनिटी को मजबूत बनाने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। आयुर्वेद और आधुनिक पोषण विज्ञान दोनों ही इस बात पर जोर देते हैं कि संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि और प्राकृतिक खाद्य पदार्थ स्वस्थ जीवनशैली की बुनियाद हैं।
एक्सपर्ट्स के अनुसार शरीर को वास्तविक ऊर्जा और ताकत किसी पाउडर या सप्लीमेंट से नहीं, बल्कि संतुलित भोजन और नियमित मेहनत से मिलती है। भारतीय रसोई में मौजूद कई पारंपरिक खाद्य पदार्थ ऐसे हैं, जिन्हें आज दुनिया सुपरफूड के रूप में पहचान रही है। इनका नियमित सेवन न केवल शरीर को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करता है। साथ ही कई गंभीर बीमारियों के खतरे को भी कम करने में मदद करता है।
आंवला और सत्तू से बढ़ती है प्राकृतिक ताकत
आंवला को भारतीय सुपरफूड्स का राजा माना जाता है। विटामिन-सी, आयरन, कैल्शियम और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर आंवला शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है। इसके नियमित सेवन से पाचन तंत्र बेहतर रहता है और त्वचा तथा बालों को भी लाभ मिलता है। वहीं सत्तू, जो भुने हुए चने से तैयार किया जाता है, प्रोटीन और फाइबर का बेहतरीन स्रोत माना जाता है। गर्मियों में सत्तू का सेवन शरीर को ठंडक पहुंचाने के साथ ऊर्जा बनाए रखने में भी मदद करता है। यह लंबे समय तक पेट भरा रखने में सहायक होता है। वजन नियंत्रण में भी उपयोगी माना जाता है।
दही और मखाना से मिलते हैं कई स्वास्थ्य लाभ
भारतीय भोजन का अभिन्न हिस्सा दही भी एक महत्वपूर्ण सुपरफूड है। इसमें मौजूद प्रोबायोटिक्स पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने और आंतों में अच्छे बैक्टीरिया की संख्या बढ़ाने में मदद करते हैं। दही कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन-बी12 का अच्छा स्रोत है। जिससे हड्डियां और मांसपेशियां मजबूत होती हैं। दूसरी ओर मखाना आज फिटनेस प्रेमियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। प्रोटीन, कैल्शियम और मैग्नीशियम से भरपूर मखाना एक हेल्दी स्नैक माना जाता है। यह शरीर में सूजन कम करने, हृदय स्वास्थ्य बेहतर बनाने और वजन नियंत्रित रखने में मददगार साबित हो सकता है।
बाजरा फिर बन रहा सेहत का साथी
एक समय ग्रामीण क्षेत्रों के भोजन का प्रमुख हिस्सा रहा बाजरा अब फिर से लोगों की थाली में लौट रहा है। न्यूट्रिशनिस्ट के अनुसार बाजरा फाइबर, प्रोटीन, आयरन और कई महत्वपूर्ण मिनरल्स से भरपूर होता है। ग्लूटेन-फ्री होने के कारण यह विशेष आहार लेने वाले लोगों के लिए भी उपयुक्त है। बाजरे का नियमित सेवन ब्लड शुगर नियंत्रण, बेहतर पाचन और हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है। बाजरे की रोटी, दलिया और खिचड़ी लंबे समय तक ऊर्जा प्रदान करती हैं।
प्राकृतिक खानपान ही बेहतर स्वास्थ्य की कुंजी
हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि स्वस्थ शरीर के लिए विदेशी उत्पादों या महंगे सप्लीमेंट्स की बजाय स्थानीय और पारंपरिक खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देना अधिक लाभदायक हो सकता है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद के साथ यदि आंवला, सत्तू, दही, मखाना और बाजरा जैसे देसी सुपरफूड्स को दैनिक भोजन में शामिल किया जाए तो शरीर को प्राकृतिक रूप से मजबूत और स्वस्थ बनाया जा सकता है।
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