सुंदरता ही नहीं, बेहतर स्वास्थ्य का भी विकल्प: बढ़ते दर्द और असहजता से राहत का जरिया बन रही ब्रेस्ट रिडक्शन सर्जरी

निवेदिता चंद|2 घंटे पहले
बढ़ते दर्द और असहजता से राहत का जरिया बन रही ब्रेस्ट रिडक्शन सर्जरी

आजकल बड़ी संख्या में महिलाएं पीठ, गर्दन और कंधों के दर्द से लगातार परेशान हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, जरूरत से अधिक बड़े स्तनों के कारण कई महिलाओं को शारीरिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में “ब्रेस्ट रिडक्शन सर्जरी” राहत का एक विकल्प बनकर सामने आ रही है। यह एक ऐसा सर्जिकल प्रॉसेस है, जिसका इस्तेमाल बहुत बड़े स्तनों के आकार, वजन और वॉल्यूम को कम करने के लिए किया जाता है। हालांकि कई लोग इसे केवल एक कॉस्मेटिक या सुंदरता बढ़ाने वाली सर्जरी मानते हैं, लेकिन असल में यह अक्सर गंभीर शारीरिक समस्याओं से राहत पाने और जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए की जाती हैं।डॉक्टरों का कहना है कि यह सर्जरी केवल सुंदरता बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को कम करने के लिए भी कराई जाती है। बड़े स्तनों के कारण शरीर का संतुलन प्रभावित होता है, जिससे पीठ और कंधों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। कई महिलाओं को त्वचा में रैशेज, अधिक पसीना और रोजमर्रा के काम करने में भी परेशानी होती है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि ब्रेस्ट रिडक्शन में अतिरिक्त फैट, त्वचा और टिश्यू को हटाकर स्तनों का आकार छोटा किया जाता है। इससे शरीर को आराम मिलने के साथ आत्मविश्वास में भी सुधार देखा जाता हैं। हालांकि डॉक्टर बिना विशेषज्ञ सलाह के किसी भी तरह की कॉस्मेटिक सर्जरी कराने से बचने की सलाह देते हैं। सर्जरी के बाद कुछ दिनों तक आराम और विशेष देखभाल की जरूरत होती है। सही समय पर जांच और परामर्श से महिलाएं लंबे समय तक होने वाली परेशानियों से राहत पा सकती हैं।

ब्रेस्ट रिडक्शन की जरूरत क्यों पड़ती है

बहुत बड़े आकार के स्तनों वाली महिलाओं को अक्सर कई तरह की शारीरिक दिक्क्तों का सामना करना पड़ता है। इनमें गर्दन में लगातार दर्द, कंधो और पीठ के ऊपरी व निचले हिस्से में दर्द, शरीर का गलत पोस्चर, सांस लेने में तकलीफ और एक्सरसाइज या रोजमर्रा के काम करने में परेशानी शामिल हैं। इसके अलावा, इसका एक बड़ा मानसिक असर भी होता है, जो महिलाओं के आत्मविश्वास, बॉडी इमेज, कपड़ों के सेलेक्शन और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। ब्रेस्ट रिडक्शन सर्जरी इन परेशानियों से राहत दिलाने में मदद कर सकती है।

कौन करवा सकता है ये सर्जरी

यह सर्जरी भारी स्तनों के कारण लगातार शारीरिक दर्द या जीवनशैली की सीमाओं से जूझ रही महिलाओं के लिए एक अच्छा ऑप्शन हैं। यह सर्जरी स्तनों का पूरा​ विकास होने के बाद ही कराना चाहिए। इसके अलावा, इस सर्जरी को कराने वाली महिलाओं का वजन सही होना चाहिए।

ब्रेस्ट रिडक्शन के साइड इफेक्ट

हर सर्जरी के अपने एक अलग साइड इफेक्ट होते है, उसी तरह ब्रेस्ट रिडक्शन सर्जरी के भी साइड इफेक्ट और जो​खिम है, जैसे - सर्जरी वाले हिस्से पर सूजन , दर्द का निशान पड़ना, निप्पल के सेंसेशन में बदलाव आना। दोनों स्तनों के आकार में अंतर होना। घाव भरने में देरी होना। कुछ महिलाओं को भविष्य में ब्रेस्टफीडिंग कराने में दिक्क्त आना। इसके अलावा, इंफेक्शन या ब्लीडिंग जैसे जो​खिम भी हो सकते हैं। हालांकि, ऐसा हर सर्जरी में नहीं होता हैं।

नव्य जागरण

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