मानसून में मजे देते है चाय और पकौड़े: बारिश होते ही होने लगती है क्रेविंग, हार्मोन होते है सक्रिय

बारिश का मौसम शुरू हो चुका हैं। ऐसे में चाय और पकौड़े खाने की इच्छा हर किसी को होने लगती हैं। ठंडा मौसम, मिट्टी की खुशबू, भावनात्मक जुड़ाव और मस्तिष्क में डोपामिन व सेरोटोनिन जैसे 'फील गुड' हार्मोन सक्रिय होने लगते है। यही वजह है कि मानसून आते ही अधिकतर लोगों को गरमा-गरम चाय और कुरकुरे पकोड़े खाने की क्रेविंग होने लगती है।
कई जगहों पर लगातार बारिश हो रही है, ऐसे में हमारा मन सबसे पहले गरमा-गरम चाय और कुछ स्नैक खाने का मन करता हैं। जैसे ही आसमान में बादल छाते हैं और बारिश की बूंदें गिरने लगती हैं, बहुत सारे लोगों को अचानक चाय और पकोड़ों की याद आने लगती है। यह केवल स्वाद की बात नहीं, बल्कि हमारे दिमाग, भावनाओं और मौसम के बीच गहरे संबंध का परिणाम है। हालांकि, इस मौसम में स्वाद का आनंद लेते समय स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है, जितना अपनी भावनाओं का। यदि सही सामग्री, साफ तेल और संतुलित मात्रा का ध्यान रखा जाए, तो मानसून का यह स्वाद बिना किसी चिंता के लिया जा सकता है।
बारिश में चाय-पकोड़े खाने से शरीर को मिलती है गर्माहट
बारिश का मौसम शरीर और दिमाग दोनों को प्रभावित करता है। ठंडी हवा और कम तापमान के कारण शरीर गर्म चीजें खाने की ओर आकर्षित होता है। गरमा-गरम चाय और ताजा तले हुए पकोड़े शरीर को तुरंत गर्माहट और आराम का एहसास देते हैं।
सौंधी खुशबू से बढ़ती है पकौड़े खाने की इच्छा
पहली बारिश के बाद आने वाली मिट्टी की सौंधी खुशबू हमारे दिमाग के उन हिस्सों को सक्रिय करती है जो यादों और भावनाओं से जुड़े होते हैं। इससे मन अच्छा होता है और स्वादिष्ट भोजन खाने की इच्छा भी बढ़ जाती है।
बारिश में हार्मोन होते है सक्रिय
बारिश का शांत वातावरण, हल्की ठंड और पसंदीदा खाना डोपामिन तथा सेरोटोनिन जैसे हार्मोन के स्राव को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। यही वजह है कि चाय की पहली चुस्की और गरमा-गरम पकोड़े खाने के बाद मन को संतुष्टि महसूस होती है।
बारिश में होती है गर्म चीजों की जरूरत
मानसून में तापमान कम होने से शरीर गर्म और ऊर्जा देने वाले खाद्य पदार्थों की ओर अधिक आकर्षित हो सकता है। इसलिए चाय, सूप और तले हुए स्नैक्स की मांग इस मौसम में बढ़ जाती है।
सीमित मात्रा में करें सेवन
स्वाद लेना अच्छी बात है, लेकिन अधिक मात्रा में तली हुई चीजें खाने से वजन बढ़ सकता है। इससे पाचन संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं। इसलिए सप्ताह में एक या दो बार सीमित मात्रा में पकोड़े खाना बेहतर होता हैं।
मानसून में रखें स्वास्थ्य का ख्याल
बेसन में पालक, प्याज, मेथी और दाल मिलाकर पकोड़े बनाएं। बार-बार इस्तेमाल किए गए तेल से बचें। अदरक और तुलसी वाली चाय पिएं। पकोड़ों के साथ हरी चटनी का सेवन करें। सीमित मात्रा में तले हुए स्नैक्स खाएं। खुले में मिलने वाले तले हुए खाने से बचें। साफ और ताजा तेल का उपयोग करें। गर्मागर्म भोजन ही खाएं। बारिश में भीगने के तुरंत बाद गर्म पेय लें। पर्याप्त पानी पीते रहें।
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