“साइलेंट खतरा बन रहा “सेप्सिस”: मामूली लक्षण समझकर न करें इग्नोर, इंफेक्शन से हो सकता है 'मल्टीपल ऑर्गन फेलियर'

तेजी से बदलती जीवनशैली, बढ़ते इंफेक्शन और कमजोर होती रोग प्रतिरोधक क्षमता के बीच ब्लड इंफेक्शन यानी “सेप्सिस” अब गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बनता जा रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, यह ऐसी खतरनाक स्थिति है जिसमें बैक्टीरिया, वायरस या फंगस शरीर के रक्तप्रवाह में पहुंचकर तेजी से पूरे शरीर में फैल जाते हैं। शुरुआत में इसके लक्षण सामान्य इंफेक्शन जैसे दिखाई देते हैं, लेकिन समय पर इलाज न मिलने पर यह बीमारी जानलेवा साबित हो सकती है। हेल्थ एक्सपर्ट्सने लोगों को चेतावनी दी है कि तेज बुखार, कमजोरी, सांस लेने में परेशानी या अचानक ब्लड प्रेशर गिरने जैसे लक्षणों को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक ब्लड इंफेक्शन किसी छोटे इंफेक्शन से शुरू होकर शरीर के कई अंगों को प्रभावित कर सकता है। फेफड़ों, यूरिन, त्वचा या पेट में इंफेक्शन होने पर बैक्टीरिया खून तक पहुंच जाते हैं और धीरे-धीरे पूरे शरीर में फैलने लगते हैं। इससे शरीर का इम्यून सिस्टम असामान्य प्रतिक्रिया देने लगता है और किडनी, फेफड़े, दिल तथा दिमाग जैसे अहम अंग प्रभावित हो सकते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि डायबिटीज, किडनी रोग, कैंसर या कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले मरीजों में इसका खतरा अधिक होता है। हाल ही में सर्जरी कराने वाले मरीज भी इसकी चपेट में जल्दी आ सकते हैं।
शुरुआती लक्षणों को पहचानना बेहद जरूरी
हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि ब्लड इंफेक्शन के लक्षण शुरुआत में सामान्य वायरल या बुखार जैसे लग सकते हैं, इसलिए लोग अक्सर इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। अचानक तेज बुखार आना, ठंड लगना, दिल की धड़कन तेज होना और सांस लेने में दिक्कत इसके प्रमुख संकेत माने जाते हैं। गंभीर स्थिति में मरीज का ब्लड प्रेशर तेजी से गिरने लगता है, त्वचा का रंग पीला या नीला पड़ सकता है और व्यक्ति मानसिक भ्रम या बेहोशी जैसी स्थिति में भी पहुंच सकता है। डॉक्टरों के अनुसार यदि समय रहते इलाज शुरू न हो तो इंफेक्शन शरीर के अंगों को स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है।
साफ-सफाई और मजबूत इम्यूनिटी ही सबसे बड़ा बचाव
डॉक्टरों ने ब्लड इंफेक्शन से बचाव के लिए साफ-सफाई और स्वस्थ जीवनशैली को बेहद जरूरी बताया है। नियमित रूप से हाथ धोना, घावों को साफ रखना और इंफेक्शन को शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रित करना जरूरी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि संतुलित और पौष्टिक आहार शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करता है, जिससे संक्रमण का खतरा कम हो जाता है। कुछ मामलों में टीकाकरण भी ब्लड इंफेक्शन से सुरक्षा प्रदान कर सकता है। यदि किसी व्यक्ति को बार-बार इंफेक्शन की समस्या हो रही हो तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
खानपान में लापरवाही बढ़ा सकती है खतरा
हेल्थ एक्सपर्ट्स ने इंफेक्शन के दौरान खानपान को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। जंक फूड, प्रोसेस्ड फूड और अत्यधिक मीठी चीजें शरीर में सूजन और इंफेक्शन को बढ़ावा दे सकती हैं। वहीं अधिक तैलीय और मसालेदार भोजन पाचन तंत्र को प्रभावित कर सकता है, जिससे मरीज की स्थिति और बिगड़ सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि बीमारी के दौरान हल्का, सुपाच्य और पोषणयुक्त भोजन लेना सबसे बेहतर विकल्प होता है।
अधूरा नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर
ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।









