CJP संस्थापक अभिजीत दीपके हिरासत में: पुलिस ने भीड़ को रोका, लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े

संसद मार्च के दौरान सोमवार को राजधानी में तनाव बढ़ गया। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर से हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए जाने से पहले उन्होंने संसद में मौजूद सभी सांसदों से सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में आगे आने की अपील की। इस बीच प्रदर्शनकारी संसद भवन के नजदीक तक पहुंच गए। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।
प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारी संसद परिसर की ओर बढ़ने लगे और संसद में प्रवेश का प्रयास किया। स्थिति को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने संसद के मुख्य प्रवेश द्वार बंद कर दिए। पुलिस ने भीड़ को आगे बढ़ने से रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और बल प्रयोग किया। इससे प्रदर्शनकारी तितर-बितर हो गए। इस दौरान संसद की कार्यवाही जारी थी और प्रधानमंत्री सहित सभी सांसद सदन के भीतर मौजूद थे। बताया गया कि कार्रवाई के दौरान कई प्रदर्शनकारियों को चोटें भी आईं।
अस्पताल में सोनम वांगचुक
लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक फिलहाल सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं। अस्पताल के मेडिसिन विभाग की प्रमुख प्रोफेसर डॉ. मनीषा ठाकुर ने बताया कि उन्हें लगातार चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है और उनके सभी जरूरी स्वास्थ्य मानक फिलहाल स्थिर हैं। अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चारु बांबा ने भी पुष्टि की कि भर्ती होने के बाद भी वांगचुक का उपवास जारी है और उनकी स्थिति स्थिर बनी हुई है। उनकी अनुपस्थिति में उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो संसद मार्च की अगुवाई करेंगी।
हाईकोर्ट में भी होगी सुनवाई
मार्च से पहले सीजेपी ने आरोप लगाया है कि जंतर-मंतर स्थित प्रदर्शन स्थल के पास पत्थरों से भरा एक ट्रक खड़ा किया गया है। पार्टी ने इसे लेकर सवाल उठाए हैं। इसी बीच जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों की लगातार निगरानी किए जाने के आरोपों से जुड़ी जनहित याचिका पर सोमवार को दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई भी प्रस्तावित है। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (जेएनयूएसयू) की पूर्व अध्यक्ष आइसा घोष की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि प्रदर्शनकारियों की निगरानी उनके निजता, सम्मान, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण ढंग से एकत्र होने के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।
राजनीतिक हलचल तेज
सुरक्षा व्यवस्था के तहत पटेल चौक, राजीव चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और उद्योग भवन मेट्रो स्टेशन पर एंट्री, एग्जिट और इंटरचेंज सेवाएं बंद कर दी गई हैं। इन स्टेशनों पर ट्रेनों का ठहराव भी नहीं होगा। संसद मार्च को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हैं। सीजेपी के इस आंदोलन को लेकर विपक्षी दल भी सक्रिय हैं और इसे सरकार के खिलाफ व्यापक जनआंदोलन का आधार बनाने की कोशिश में जुटे हैं। वहीं, प्रशासन का पूरा फोकस कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोकने पर है।
अपडेट्स
बिहार विधानसभा के बाहर भारी हंगामा
अभिजीत दीपके ने खत्म की भूख हड़ताल
सरकार से बातचीत तक रोका गया मार्च
घटनाक्रम के बीच कॉकरोच जनता पार्टी ने सरकार के साथ बातचीत शुरू होने के बाद अपने मार्च को अस्थायी रूप से स्थगित करने की घोषणा की। पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल और सरकार के बीच वार्ता पूरी होने तक विरोध मार्च आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। वहीं, पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़े प्रदर्शनकारी
इससे पहले प्रदर्शनकारियों का समूह राजीव चौक और मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन तक पहुंचा। सुबह करीब 10 बजे कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार कर पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने की ओर भी बढ़ने की कोशिश की। संसद मार्ग पर हालात बिगड़ने के बाद पुलिस ने भारतीय रिजर्व बैंक के पास से सीजेपी के सात प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
अधूरा नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर
ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।









