शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा: एक्स पर पोस्ट कर बोले- देश के युवा किसी कुचक्र में न फंसें, कई जिम्मेदार लोगों ने छात्रों को गुमराह किया

जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के प्रदर्शन के बीच शनिवार को बड़ी खबर सामने आई। बीते 36 दिनों से प्रदर्शन कर रहे छात्रों के आंदोलन का असर कुछ ऐसा हुआ कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। पहर बाद एक्स पर पोस्ट कर प्रधान ने कहा- मेरे युवा साथियों, मैं पिछले चार दशक से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं। मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है। मैं, देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूं।
अपनी पोस्ट में उन्होंने आगे लिखा, युवाओं के सपनों को साकार करना हम सभी के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है, लेकिन बीते तीन मई को हुई नीट-यूजी परीक्षा में पेपर लीक होने की बात सामने आई। सरकार ने इसका तत्काल संज्ञान लेते हुए मामले की जांच सीबीआई को दी और री-एग्जाम के लिए नई डेट जारी की। 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा सकुशल संपन्न कराने के लिए भारत सरकार ने राज्य सरकारों के साथ मिलकर पहली बार जिला प्रशासन के स्तर पर सख्त पहरे में री-एग्जाम कराया।
धर्मेंद्र प्रधान ने पीएम मोदी को लिखा पत्र
पीएम नरेंद्र मोदी को लिखे गए पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, मैंने पहले दिन से इस पूरे मामले की जिम्मेदारी ली और कभी भी इससे मुंह नहीं मोड़ा। मेरा संकल्प था कि किसी माफिया के चलते मेधावी छात्र का भविष्य न खराब हो, लेकिन इस दौरान कई जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने छात्रों को गुमराह करने का काम किया। इससे मन बहुत व्यथित है। देश के युवा हमारे भविष्य के शिल्पकार हैं। बीते 10 दिनों का घटनाक्रम देखकर मन दुखी है। देश के युवा किसी कुचक्र में न फंसने पाएं, वे पढ़ाई में मन लगाएं और अपना करियर बनाएं, इन सभी तत्थ्यों पर विचार करते हुए मैं अपने पद से इस्तीफा दे रहा हूं।
राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ न उठाने पाएं
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पोस्ट में कहा, देश में अभी जो स्थिति बनी है, उसका लाभ कहीं राष्ट्र विरोधी ताकतें न उठा लें। देश की एकता बनी रहे। हमारे छात्र कानून की पेंचीदगियों में फंसने की बजाय अपने करियर पर फोकस करें, इसलिए मैंने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। उन्होंने पीएम मोदी के मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि मेरा भविष्य देश और ओडिशा की जनता व युवाओं के लिए समर्पित रहेगा।
जंतर-मंतर पर खुशी की लहर
उधर, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की सूचना मिलते ही जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा, 'झुकती है दुनिया झुकाने वाला चाहिए।' आज छात्रों के 36 दिन का आंदोलन सफल हुआ। दीपके ने कहा आखिर हमारे आगे सरकार को झुकना ही पड़ा। उन्होंने कहा कि छात्र एकत्रित हो जाएं तो कुछ भी असंभव नहीं होता।
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