आगरा में रेलवे जेई की दर्दनाक मौत: ट्रेन की चपेट में आने से दोनों पैर कटे, घायल अवस्था में खुद मांगी मदद

जिले में रेलवे ट्रैक की जांच के दौरान जेई मनोज सैनी हादसे का शिकार हो गए। ट्रेन की चपेट में आने से उनके दोनों पैर कटकर अलग हो गए। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मनोज होश में रहे और उन्होंने खुद फोन कर स्टेशन सुपरवाइजर को हादसे की जानकारी दी। करीब 20 मिनट तक वह ट्रैक किनारे लहूलुहान हालत में पड़े रहे। बाद में पुलिस और रेलवे कर्मचारियों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
संभल के चंदौसी निवासी मनोज सैनी रेलवे के एफएमआई विभाग में अवर अभियंता (जेई) के पद पर तैनात थे। हादसा आगरा-झांसी रेलवे ट्रैक पर परसैंया कस्बे के पास हुआ। बताया गया कि मनोज जाजऊ रेलवे स्टेशन के पास ब्लॉक लेकर मशीन से नीचे उतरे थे। इसके बाद वह डाउन ट्रैक पर पैदल चलकर निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान भाड़ई की ओर से आ रही पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आ गए। टक्कर लगने के बाद मनोज उछलकर ट्रैक पर जा गिरे। इसके बाद ट्रेन उनके पैरों के ऊपर से गुजर गई। हादसे में दोनों पैर कटकर अलग हो गए। गंभीर रूप से घायल मनोज ट्रैक किनारे पड़े रहे, लेकिन उन्होंने होश नहीं खोया।
दोनों पैर कटने के बाद खुद स्टेशन पर किया फोन
हादसे के तुरंत बाद मनोज ने अपने मोबाइल से स्टेशन सुपरवाइजर को फोन किया। उन्होंने बताया कि ट्रेन से उनके दोनों पैर कट गए हैं और तत्काल एंबुलेंस भेजने की बात कही। स्टेशन सुपरवाइजर ने सूचना मिलते ही ट्रैक पर काम कर रहे रेलवे कर्मचारियों को मौके पर भेजा। करीब 20 मिनट तक मनोज गंभीर रूप से घायल अवस्था में वहीं पड़े रहे। रेलवे कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद थाना सैंया पुलिस एंबुलेंस के साथ घटनास्थल पर पहुंची और मनोज को तत्काल सीएचसी सैंया ले जाया गया। उनकी हालत बेहद गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद एसएन अस्पताल रेफर कर दिया।
इलाज के दौरान बिगड़ी हालत
एसएन अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने मनोज का इलाज शुरू किया, लेकिन उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई। काफी प्रयास के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। शाम करीब सात बजे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
ट्रैक के दूसरी तरफ पड़े थे कटे पैर
हादसे के बाद का एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें मनोज रेलवे ट्रैक के किनारे लहूलुहान हालत में दिखाई दे रहे हैं। उनके दोनों कटे हुए पैर पटरी के दूसरी ओर पड़े थे। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें देखकर दौड़कर मदद की और शरीर के कटे हिस्सों को सफेद कपड़े से ढक दिया। वीडियो में मनोज लोगों को खुली आंखों से एकटक देखते नजर आ रहे हैं। गंभीर चोटों के कारण वह कुछ बोल नहीं पा रहे थे। कुछ देर बाद पुलिस और रेलवे कर्मचारियों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी।










