अयोध्या पहुंचे सीएम योगी: बोले- अपराधी कोई भी हो, बचेगा नहीं, एसआईटी जांच पर जताया भरोसा

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोपों को लेकर चल रहे विवाद के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले हनुमानगढ़ी मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद राम मंदिर पहुंचकर रामलला के दर्शन किए। इस दौरान आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधा और राम मंदिर से जुड़े मुद्दों पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि जो लोग कभी रामभक्तों और कारसेवकों पर गोली चलवाते थे, आज वही रामभक्तों के सम्मान की बात कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि राम मंदिर निर्माण को रोकने के लिए कांग्रेस ने हर संभव प्रयास किया था। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में यह तक कहा गया था कि भगवान राम का अस्तित्व ही नहीं था। लेकिन आज वही लोग अयोध्या और राम मंदिर के मुद्दे पर सक्रियता दिखा रहे हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कारसेवकों पर गोली चलवाने वाले लोग आज उपदेश देने का प्रयास कर रहे हैं।
लोगों से की अपील
चढ़ावा चोरी प्रकरण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर सरकार ने एसआईटी जांच गठित की है। उन्होंने कहा कि जांच टीम पूरी निष्पक्षता के साथ काम कर रही है और दूध का दूध तथा पानी का पानी करके रहेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अनर्गल टिप्पणी न करें, जिससे रामभक्तों की भावनाएं आहत हों।
15 दिन और इंतजार
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास मामले से जुड़ा कोई प्रमाण या जानकारी है तो उसे एसआईटी को उपलब्ध कराना चाहिए। उन्होंने रामभक्तों से संयम बनाए रखने की अपील की। सीएम ने कहा कि प्रभु श्रीराम ने मर्यादा और धैर्य का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि जब राम मंदिर के लिए 500 वर्षों तक संघर्ष किया गया, तो 15 दिन और इंतजार किया जा सकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि कोई दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी और कोई भी अपराधी बच नहीं सकेगा।
चोरी के आरोपों के बाद तेज हुई जांच
राम मंदिर में चढ़ावे की राशि में कथित गड़बड़ी का मुद्दा सबसे पहले समाजवादी पार्टी सरकार में मंत्री रह चुके पवन पांडेय ने सात जून को उठाया था। उन्होंने दावा किया था कि मंदिर से पांच से साढ़े सात करोड़ रुपये तक की चोरी हुई है। इसके बाद समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी मामले में सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए थे और न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की थी। हालांकि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इन आरोपों को लेकर कहा था कि अभी तक ऐसी कोई पुष्टि नहीं हुई है।
भाजपा नेता ने की सीबीआई जांच की मांग
विवाद बढ़ने के बाद भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने नौ जून को प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सीबीआई जांच की मांग की थी। इसके अगले दिन प्रधानमंत्री कार्यालय ने मंदिर ट्रस्ट से इस संबंध में रिपोर्ट तलब कर ली। मामले में अब तक लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर उर्फ टिन्नू के नाम सामने आए हैं। इनकी निशानदेही पर करीब दो करोड़ रुपये की रिकवरी की जा चुकी है। सभी लोग दान राशि की गिनती की प्रक्रिया से जुड़े बताए गए हैं।
चार दिनों से जारी है एसआईटी की पड़ताल
एसआईटी लगातार मामले की जांच कर रही है। जांच के पहले दिन श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और आमंत्रित सदस्य गोपाल राव से जानकारी ली गई। दूसरे दिन भी दोनों से विस्तृत पूछताछ की गई। तीसरे दिन बैंक अधिकारियों और नोटों की गिनती से जुड़ी निजी एजेंसी के प्रतिनिधियों से पूछताछ कर वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की गई। चौथे दिन जांच टीम करीब 10 घंटे तक मंदिर परिसर में मौजूद रही। इस दौरान ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र से दान राशि की गिनती, रखरखाव और बैंक में जमा करने की प्रक्रिया को लेकर विस्तार से पूछताछ की गई। साथ ही अनुकल्प मिश्र और लवकुश मिश्र की नियुक्ति प्रक्रिया तथा रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव से भी अलग-अलग पूछताछ कर तथ्यों का मिलान किया गया। जांच एजेंसियां अब पूरे मामले के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल में जुटी हुई हैं।
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