राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में जांच तेज: तीसरे दिन भी मंदिर पहुंची एसआईटी, कर्मचारी की पत्नी बोलीं- हमें बदनाम करने की साजिश

अयोध्या|1 घंटा पहले
तीसरे दिन भी मंदिर पहुंची एसआईटी, कर्मचारी की पत्नी बोलीं- हमें बदनाम करने की साजिश

राम मंदिर में चढ़ावे की राशि में कथित अनियमितता और चोरी के आरोपों को लेकर जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। मामले की जांच कर रही एसआईटी की टीम बुधवार को लगातार तीसरे दिन राम मंदिर परिसर पहुंची। टीम ने विभिन्न पहलुओं पर पड़ताल जारी रखी। इस बीच मामले में नाम सामने आने के बाद मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू की पत्नी पूनम यादव भी सार्वजनिक रूप से सामने आईं। उन्होंने अपने पति पर लगाए जा रहे आरोपों को निराधार बताया।

पूनम यादव ने कहा कि उनके परिवार के बारे में सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से कई तरह की भ्रामक जानकारियां फैलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि उनके पास दर्जनों कमरे, हॉस्टल, होटल और लग्जरी गाड़ियों जैसी संपत्ति होने के दावे पूरी तरह गलत हैं। उनका आरोप है कि उनके पति को जानबूझकर बदनाम किया जा रहा है। उन्हें एक सुनियोजित साजिश के तहत फंसाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि किसी के पास आरोपों के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण है तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

जांच के तीसरे दिन भी जुटाए गए साक्ष्य

चढ़ावा प्रकरण को लेकर जांच एजेंसियां लगातार सक्रिय हैं। बुधवार सुबह करीब 10 बजे एसआईटी की टीम मंदिर परिसर पहुंची। सूत्रों के अनुसार, जांच टीम उन बैंक कर्मचारियों से भी पूछताछ कर सकती है। जिनकी ड्यूटी दान राशि की गिनती और बैंक में जमा कराने की प्रक्रिया से जुड़ी थी। इससे पहले मंगलवार को एसआईटी ने लगभग 11 घंटे तक मंदिर परिसर में रहकर विस्तृत जांच की थी। इस दौरान ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों सहित 100 से अधिक लोगों से पूछताछ की गई। टीम ने चढ़ावे की गिनती, उसके रिकॉर्ड, बैंक में जमा करने की प्रक्रिया और उससे जुड़े कर्मचारियों की भूमिका की जानकारी जुटाई।

अब तक दो करोड़ रुपये की बरामदगी

जांच के दौरान अब तक पांच लोगों लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर यादव के नाम सामने आए हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, इनकी निशानदेही पर करीब दो करोड़ रुपये की राशि बरामद की जा चुकी है। ये सभी किसी न किसी रूप में दान राशि की गिनती और प्रबंधन की प्रक्रिया से जुड़े बताए जा रहे हैं। हालांकि, जांच अभी जारी है। अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है।

राजनीतिक बयानबाजी भी तेज

मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। गोंडा में पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि ट्रस्ट से जुड़े लोगों के संबंध में सामने आ रहे दस्तावेज कई सवाल खड़े करते हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार के तथ्य सामने आ रहे हैं, उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि “बिना आग के धुआं नहीं उठता।” गौरतलब है कि इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई थी जब समाजवादी पार्टी सरकार में मंत्री रह चुके पवन पांडेय ने राम मंदिर से करोड़ों रुपये के चढ़ावे में गड़बड़ी का आरोप लगाया था। बाद में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। विवाद बढ़ने पर भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सीबीआई जांच की मांग की थी। इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने मंदिर ट्रस्ट से मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की थी। अब सभी की निगाहें एसआईटी जांच की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं।

नव्य जागरण

पूरी खबर पढ़ें ऐप पर

ऐप डाउनलोड करने के लिए QR कोड
ऐप डाउनलोड करने के लिए QR स्कैन करेंGET IT ON Google Play

अधूरा नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर

ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।