चलती एसी बस में युवती से बदसलूकी: सीट विवाद ने लिया हिंसक रूप, इंदौर से जा रही थी गोरखपुर

अयोध्या-बस्ती हाईवे पर बुधवार सुबह एक प्राइवेट एसी स्लीपर बस में युवती के साथ बदसलूकी का मामला सामने आया है। घटना ने सड़क सुरक्षा और पब्लिक ट्रांसपोर्ट में महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। युवती इंदौर से गोरखपुर जा रही थी। उसने पहले से सीट बुक कराई थी। लेकिन बस में चढ़ने के बाद उसे मनचाही सीट नहीं दी गई। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। मामला इतना बढ़ा कि हाथापाई की नौबत आ गई। युवती के गले पर नाखून से खरोंच के निशान पड़ गए। बस में मौजूद यात्रियों ने बीच-बचाव कर स्थिति को संभाला।
पीड़िता गोरखपुर जिले के बड़हलगंज क्षेत्र की रहने वाली है। वह इंदौर में नौकरी करती है। परीक्षा देने के लिए अपने घर जा रही थी। उसने प्राइवेट स्लीपर बस में पहले से सीट बुक की थी। लेकिन जब वह बस में सवार हुई, तो उसे उसकी पसंद की सीट नहीं दी गई। इसी बात पर उसका बस चालक और खलासी से विवाद हो गया। युवती का आरोप है कि उससे पूरा किराया लिया गया था। इसके बावजूद उसे सही सीट नहीं दी गई। उसने विरोध किया। बात बढ़ी। बहस तेज हो गई। इसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया।
मारपीट और बदसलूकी का आरोप
विवाद के दौरान स्थिति बिगड़ गई। युवती ने आरोप लगाया कि बस स्टाफ ने उसके साथ बदसलूकी की। इस दौरान उसके गले पर नाखून से खरोंच के निशान पड़ गए। वह काफी घबरा गई। बस में मौजूद अन्य यात्रियों ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने दोनों पक्षों को शांत कराया। इसके बाद मामला थोड़ा काबू में आया। घटना सुबह करीब छह बजे की बताई जा रही है। हाईवे पर चलती बस में इस तरह की घटना ने यात्रियों को भी डरा दिया। कई लोगों ने इसे बेहद गंभीर बताया।
पुलिस ने रुकवाई बस
युवती ने तुरंत यूपी-112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस एक्टिव हो गई। छावनी क्षेत्र के डहवा के पास बस को रुकवाया गया। पुलिस टीम मौके पर पहुंची। युवती ने अपनी आपबीती बताई। उसने गले पर खरोंच के निशान भी दिखाए। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए खलासी और दो बस चालकों को अरेस्ट कर लिया में उनसे पूछताछ की गई। बस को भी चेक किया गया।
पुलिस कार्रवाई और पीड़िता का फैसला
मामले में सीओ हरैया स्वर्णिमा सिंह ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि युवती को उसकी मनचाही सीट नहीं मिलने पर विवाद हुआ था। बाद में उसका बुकिंग अमाउंट वापस कर दिया गया। युवती ने कहा कि वह इस मामले में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चाहती है। पुलिस ने आरोपितों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। हालांकि पीड़िता के बयान के बाद आगे की कार्रवाई सीमित रही। युवती को सुरक्षित गोरखपुर के लिए रवाना कर दिया गया।
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