कबीर तिवारी हत्याकांड में कोर्ट का सख्त रुख: सात आरोपितों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी, दिनदहाड़े हुआ था छात्र नेता का मर्डर

बस्ती|16 घंटे पहले
सात आरोपितों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी, दिनदहाड़े हुआ था छात्र नेता का मर्डर

चर्चित छात्र नेता कबीर तिवारी हत्याकांड में अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने सात आरोपितों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी कर दिया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रमोद कुमार गिरि की अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया है। सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर 11 जून तक कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। अदालत के इस आदेश के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

कप्तानगंज थाना क्षेत्र के एंठीडीह गांव निवासी कबीर तिवारी एपीएन पीजी कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष थे। नौ अक्टूबर 2019 को शहर के मालवीय रोड पर अज्ञात हमलावरों ने दिनदहाड़े गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। व्यस्त इलाके में हुई इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। घटना के बाद परिजनों और समर्थकों में भारी आक्रोश देखने को मिला था। मामले में कबीर तिवारी के बड़े पिता शिवप्रसाद तिवारी ने केस दर्ज कराया था। जांच की जिम्मेदारी बाद में सीबी-सीआईडी को सौंपी गई थी। विवेचना के दौरान जांच एजेंसी ने सात आरोपितों के खिलाफ क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी थी। कोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का परीक्षण करने के बाद मामले को गंभीरता से लिया।

साजिश में शामिल होने के प्रथमदृष्टया मिले साक्ष्य

सुनवाई के दौरान न्यायालय ने अमन प्रताप सिंह, अक्षय प्रताप सिंह, मोहम्मद साद, समीर खान, सहित सिंह, अवनीश सिंह और इमरान उर्फ शिबू के खिलाफ हत्या की साजिश में शामिल होने के प्रथमदृष्टया साक्ष्य पाए। इसके आधार पर अदालत ने सभी आरोपितों को विचारण के लिए तलब किया था। हालांकि, कोर्ट के समन और आदेश के बावजूद कोई भी आरोपित निर्धारित तिथि पर उपस्थित नहीं हुआ। आरोपितों की लगातार अनुपस्थिति को गंभीर मानते हुए कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सभी आरोपितों को 11 जून तक हर हाल में पेश किया जाए।

गिरफ्तारी की जिम्मेदारी पुलिस पर

अदालती आदेश के बाद अब आरोपितों की गिरफ्तारी की जिम्मेदारी पुलिस पर आ गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वारंट प्राप्त होते ही आरोपितों की तलाश शुरू कर दी जाएगी। उधर, वादी पक्ष के अधिवक्ता संजय कुमार उपाध्याय ने कोर्ट के आदेश का स्वागत किया है। कहा कि न्यायिक प्रक्रिया के तहत मामले को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद है। अब इस बहुचर्चित हत्याकांड में अगली सुनवाई और आरोपितों की गिरफ्तारी पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

नव्य जागरण

पूरी खबर पढ़ें ऐप पर

ऐप डाउनलोड करने के लिए QR कोड
ऐप डाउनलोड करने के लिए QR स्कैन करेंGET IT ON Google Play

अधूरा नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर

ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।