फर्जी आईएएस और रॉ एजेंट बनकर फ्रॉड: युवती से शादी कर ऐंठे लाखों रुपये, जाली नियुक्ति पत्र थमाकर जीता था भरोसा

गोंडा|1 घंटा पहले
युवती से शादी कर ऐंठे लाखों रुपये, जाली नियुक्ति पत्र थमाकर जीता था भरोसा

झूठी पहचान और फर्जी पदों का सहारा लेकर युवती तथा उसके परिवार को ठगी का शिकार बनाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। देहात कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली एक युवती ने गाजीपुर निवासी युवक पर खुद को कभी माध्यमिक शिक्षा विभाग का सचिव, कभी आईएएस अधिकारी और कभी रॉ (RAW) एजेंट बताकर विश्वास हासिल करने तथा लाखों रुपये की ठगी करने का आरोप लगाया है। पीड़िता का दावा है कि आरोपी ने पहले नौकरी दिलाने का झांसा देकर फर्जी नियुक्ति पत्र दिया। फिर परिवार का भरोसा जीतकर शादी कर ली। बाद में उसकी दो बहनों को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 6.50 लाख रुपये भी वसूल लिए।

पीड़िता के अनुसार, उसकी मुलाकात एक परिचित के माध्यम से संदीप सिंह नामक युवक से हुई थी। बातचीत के दौरान आरोपी ने खुद को माध्यमिक शिक्षा विभाग का सीनियर अफसर बताया। सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। युवती का आरोप है कि आवश्यक दस्तावेज और धनराशि लेने के बाद आरोपी ने उसे उत्तर प्रदेश सरकार की मुहर लगा एक कथित नियुक्ति पत्र सौंपा। जिसमें बस्ती जनपद के एक शिक्षण संस्थान में क्लर्क पद पर नियुक्ति दर्शाई गई थी। हालांकि जब युवती नियुक्ति पत्र लेकर संबंधित कॉलेज पहुंची। वहां पता चला कि पत्र पूरी तरह फर्जी है। उसके नाम से कोई नियुक्ति जारी ही नहीं की गई। इसके बाद आरोपी ने अपनी पहचान बदलते हुए खुद को आईएएस अधिकारी बताया। प्रभावशाली संपर्कों के माध्यम से नियुक्तियां कराने का दावा करता रहा।

बहनों की नौकरी के नाम पर वसूले लाखों रुपये

युवती का आरोप है कि आरोपी ने उसके परिवार का भरोसा जीतने के बाद उसकी दोनों बहनों को भी सरकारी नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया। बड़ी बहन को क्लर्क और छोटी बहन को दिल्ली सचिवालय में नियुक्ति दिलाने का दावा करते हुए क्रमशः पांच लाख और डेढ़ लाख रुपये लिए गए। परिवार को लंबे समय तक नियुक्ति प्रक्रिया का भरोसा दिलाया जाता रहा, लेकिन कोई नियुक्ति नहीं हुई।

रॉ एजेंट बताकर कराया विवाह

मामले में नया मोड़ तब आया जब आरोपी ने खुद को देश की खुफिया एजेंसी रॉ का एजेंट बताते हुए एक गुप्त मिशन पर जाने की बात कही। युवती के मुताबिक, उसने ‘रिलेशन सर्टिफिकेट’ की आवश्यकता बताकर विवाह का दबाव बनाया। आरोपी ने स्वयं को परिवार से विहीन और अकेला बताते हुए भावनात्मक माहौल तैयार किया। जिसके बाद दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली।

सोशल मीडिया से खुला फर्जीवाड़ा

शादी के बाद आरोपी लगातार सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करता रहा। इसी दौरान युवती को उसकी बातों पर संदेह हुआ। परिवार ने जब स्वतंत्र रूप से जानकारी जुटाई तो कथित रूप से पता चला कि आरोपी की पहले भी दो शादियां हो चुकी हैं। इनमें एक पत्नी की मृत्यु हो चुकी है। वहीं दूसरी पत्नी जीवित बताई जा रही है। इसके बाद परिवार ने आरोपी से जवाब मांगा तो विवाद बढ़ गया।

पुलिस जांच की मांग

पीड़ित परिवार ने आरोपी पर धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी पहचान के माध्यम से छल, विवाह के नाम पर विश्वासघात और धन उगाही जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि आरोपी ने सरकारी पदों और सुरक्षा एजेंसियों का नाम लेकर न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाया, बल्कि सामाजिक और मानसिक स्तर पर भी उन्हें गहरा आघात पहुंचाया है। मामले की शिकायत पुलिस से की गई है। निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग उठाई गई है। पुलिस का कहना है कि प्राप्त शिकायत के आधार पर आरोपों की जांच की जा रही है। तथ्यों के अनुरूप आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

नव्य जागरण

पूरी खबर पढ़ें ऐप पर

ऐप डाउनलोड करने के लिए QR कोड
ऐप डाउनलोड करने के लिए QR स्कैन करेंGET IT ON Google Play

अधूरा नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर

ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।