100 करोड़ की लागत से बनेगा आधुनिक आईएसबीटी: डीएम ने तेज की परियोजनाओं की मॉनिटरिंग, रेलवे स्टेशन से फुटओवर ब्रिज के जरिए जुड़ेगा परिसर

शहर की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) विकसित किया जाएगा। यह महत्वाकांक्षी परियोजना वर्तमान रेलवे बस स्टेशन परिसर में प्रस्तावित है। 10 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं की समीक्षा बैठक हुई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी दीपक मीणा ने आईएसबीटी परियोजना की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने और निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
करीब 14,416 वर्गमीटर क्षेत्रफल में बनने वाला यह आधुनिक बस टर्मिनल यात्रियों को अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। अधिकारियों के अनुसार नामित एजेंसी द्वारा सर्वेक्षण का कार्य पूरा कर मिट्टी परीक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। परियोजना पूरी होने के बाद यहां से विभिन्न राज्यों के लिए सीधी बस सेवाओं का संचालन किया जाएगा। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आईएसबीटी को फुटओवर ब्रिज के माध्यम से रेलवे स्टेशन से भी जोड़ा जाएगा। परिसर में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, होटल, प्रतीक्षालय और अन्य आधुनिक सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा।
गुरुकुल सिटी और फोरलेन परियोजना की हुई समीक्षा
समीक्षा बैठक में न्यू गोरखपुर परियोजना के तहत प्रस्तावित छह हजार एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाली गुरुकुल सिटी की लगभग 19.55 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा की गई। इसके अलावा असुरन से पादरी बाजार होते हुए पिपराइच तक प्रस्तावित 19.4 किलोमीटर लंबे फोरलेन मार्ग की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि यह सड़क परियोजना पूरी होने के बाद शहर के भीतर यातायात दबाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। आवागमन अधिक सुगम एवं सुरक्षित बनेगा।
विरासत गलियारा सहित अन्य परियोजनाओं को जल्द पूरा करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने पांडेयहाता से धर्मशाला तक निर्माणाधीन विरासत गलियारा (हेरिटेज कॉरिडोर) का कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से बचने के लिए बारिश शुरू होने से पहले नालों सहित सभी आवश्यक निर्माण कार्य पूरे कर लिए जाएं। बैठक में नए कल्याण मंडपम, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, कला ग्राम तथा मॉडल वेंडिंग जोन जैसी परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
औद्योगिक निवेश परियोजनाओं पर भी रहा फोकस
बैठक में गीडा और धुरियापार क्षेत्र में प्रस्तावित एथेनॉल प्लांट, सीएनजी प्लांट, सीमेंट फैक्ट्री, पावर प्लांट तथा डिस्टिलरी परियोजनाओं की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और नियमित मॉनिटरिंग के जरिए परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में एडीएम प्रशासन डॉ. वैभव शर्मा, एसडीएम सदर दीपक गुप्ता, तहसीलदार सदर ज्ञान प्रताप सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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