गोरखपुर में एक ही परिवार के 11 लोग बीमार: तरबूज और मैगी खाने के बाद बिगड़ी हालत, झोलाछाप डॉक्टर से ली दवा

शहर में गुरुवार को फूड प्वॉइजनिंग का बड़ा मामला सामने आया। एक ही परिवार के 11 लोग अचानक बीमार पड़ गए। सभी को उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत हुई। कई लोगों को सांस लेने में भी परेशानी शुरू हुई। हालत बिगड़ने पर सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया। भर्ती मरीजों में छोटे बच्चे भी शामिल हैं। डॉक्टरों ने सभी को निगरानी में रखा है। फिलहाल सभी मरीज खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। मामला बेलीपार थाना क्षेत्र के मलाव गांव का है।
परिजनों के अनुसार बुधवार शाम फेरी वाला तरबूज बेचने आया। परिवार ने उससे तरबूज खरीदकर घर में खाया था। रात करीब आठ बजे सभी ने तरबूज खाया। इसके करीब एक घंटे बाद घर में मैगी बनाई गई। बच्चों की जिद पर परिवार के कई लोगों ने मैगी खाई। इसके बाद देर रात अचानक तबीयत बिगड़ने लगी। सबसे पहले बच्चों को उल्टी और दस्त शुरू हुए। कुछ ही देर में बड़े सदस्यों की हालत भी खराब होने लगी। पूरे परिवार में अफरा-तफरी मच गई।
रातभर बिगड़ती रही हालत
परिवार के लोगों ने बताया कि रात करीब एक बजे परेशानी बढ़ी। कई लोगों को तेज पेट दर्द शुरू हो गया। कुछ लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत होने लगी। घबराए परिजनों ने गांव के झोलाछाप डॉक्टर से दवा ली। लेकिन दवाओं का कोई खास असर नहीं हुआ। हालत लगातार बिगड़ती चली गई। सुबह होते ही पड़ोसी मदद के लिए पहुंचे। इसके बाद सभी को स्थानीय सीएचसी पहुंचाया गया।
जिला अस्पताल में कराया गया भर्ती
सीएचसी के डॉक्टरों ने हालत गंभीर देख रेफर कर दिया। दोपहर में सभी मरीज जिला अस्पताल पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया। डॉक्टर आरपी गौतम की टीम इलाज में जुटी रही। डॉक्टरों के अनुसार मरीजों को डिहाइड्रेशन और संक्रमण की शिकायत थी। समय रहते इलाज मिलने से स्थिति संभल गई। अस्पताल में भर्ती लोगों में बुजुर्ग और बच्चे शामिल हैं। दो साल की बच्ची की हालत पर भी निगरानी रखी गई।
परिवार के कई सदस्य हुए बीमार
बीमार लोगों में अमरनाथ पांडेय और बैजनाथ पांडेय शामिल हैं। शैल कुमारी, अंशु और पूर्णिमा भी बीमार हुए। परिवार के छोटे बच्चे वेदांत और हन्नू भी प्रभावित हुए। नेहा, जगदीश दुबे और सौरभ त्रिपाठी की हालत बिगड़ी। सभी का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। डॉक्टरों ने फिलहाल स्थिति सामान्य बताई है।
सीएमओ ने अस्पताल पहुंचकर लिया जायजा
एक ही परिवार के 11 लोगों के भर्ती होने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर सीएमओ डॉ. राजेश झा अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मरीजों और परिजनों से बातचीत की। डॉक्टरों से इलाज की जानकारी भी ली। सीएमओ ने बताया कि मामला फूड प्वॉइजनिंग जैसा लग रहा। सही कारण पता करने के लिए जांच कराई जाएगी। शुक्रवार को डॉक्टरों की टीम गांव भी जाएगी। टीम खाने के सैंपल और अन्य चीजों की जांच करेगी।
डॉक्टरों ने दी सावधानी बरतने की सलाह
डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी में सावधानी जरूरी होती। कटे फल और खुले खाद्य पदार्थ जल्दी खराब हो सकते। ठंडी और गर्म चीजें साथ खाने से संक्रमण बढ़ सकता। विशेषज्ञों ने साफ और ताजा भोजन खाने की सलाह दी। बाहर से खरीदे गए खाद्य पदार्थों में सतर्कता जरूरी बताई। प्रशासन ने लोगों से जागरूक रहने की अपील की है।
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