नकली सोना बेचकर ठगे 6 लाख: मुजफ्फरपुर से शातिर गैंगस्टर अरेस्ट, व्यापारियों को झांसे में लेकर की थी जालसाजी

नकली सोने को असली बताकर दो व्यापारियों से छह लाख रुपये की ठगी करने वाले गैंग के फरार सदस्य को कैंट पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है। गैंगस्टर एक्ट में वांछित चल रहे आरोपी को बिहार के मुजफ्फरपुर से पकड़कर गोरखपुर लाया गया। जहां उसे कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान गुजरात के सूबेदार खेड़ा निवासी किशोर राठौर के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, सात जनवरी 2024 को सिद्धार्थनगर निवासी सर्राफा कारोबारी संजय कुमार गुप्ता और किराना व्यापारी घनश्याम प्रसाद को गिरोह ने अपने जाल में फंसाया था। आरोपियों ने पहले असली सोना दिखाकर दोनों व्यापारियों का विश्वास जीता और बाद में उन्हें गोरखपुर बुलाकर सौदा तय किया। लालच में आए दोनों व्यापारियों ने तीन-तीन लाख रुपये देकर सोना खरीद लिया। लेकिन बाद में जांच में वह नकली निकला।
सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों से खुला मामला
ठगी का पता चलने के बाद पीड़ितों ने कैंट पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल लोकेशन के आधार पर जांच शुरू की। इसके बाद एसओजी और कैंट पुलिस की संयुक्त टीम ने रेलवे स्टेशन क्षेत्र से गैंग के कई सदस्यों को अरेस्ट कर लिया था। आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में नकली सोना और नकदी भी बरामद हुई थी।
गैंगस्टर एक्ट लगने के बाद हो गया था फरार
प्रारंभिक गिरफ्तारी के बाद आरोपी जमानत पर रिहा हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने पूरे गिरोह पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की। गिरोह के अधिकांश सदस्य गिरफ्तार कर लिए गए। लेकिन किशोर राठौर फरार चल रहा था। लंबे समय से उसकी तलाश की जा रही थी। कैंट थाना प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि पुलिस टीम ने मुजफ्फरपुर में दबिश देकर आरोपी को अरेस्ट कर लिया। गिरफ्तारी अभियान में गोलघर चौकी प्रभारी अवनीश पांडेय और पैडलेगंज चौकी प्रभारी आशीष दुबे की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
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