गोरखपुर में तुर्रा नाले में मिला युवक का शव: परिजनों ने सड़क पर शव रखकर किया प्रदर्शन, आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ आर्थिक सहायता की मागं

पादरी बाजार-पिपराइच मार्ग पर हैदरगंज निवासी उपेंद्र निषाद की संदिग्ध मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने करीब ढाई घंटे तक शव को सड़क पर रखकर जाम लगाया और उग्र प्रदर्शन किया। यह घटना तब शुरू हुई जब पुलिस को चौरीचौरा क्षेत्र के तुरा नाले के पास से उपेंद्र का शव बरामद हुआ। पोस्टमार्टम के बाद जब शव गांव पहुंचा, तो गुस्साए परिजनों ने पप्पू कटरा के पास मुख्य मार्ग पूरी तरह ठप कर दिया और जाम लगाकर प्रदर्शन
किया।
हैदरगंज निवासी उपेंद्र निषाद ट्रक से गिट्टी-बालू उतारने का काम करता था। परिजन के अनुसार, 24 जुलाई को दोपहर करीब दो से तीन बजे के बीच उसके साथ काम करने वाले तीन लोग उसे बालू उतारने के लिए घर से बुलाकर ले गए थे। इसके बाद वह नहीं लौटा। काफी तलाश के बाद भी जब उसका पता नहीं चला तो परिवार वाले उसकी खोज में जुटे गये। इस बीच रविवार को तुर्रा नाले में मिले अज्ञात शव का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। परिजन ने आशंका जताई कि शव उपेंद्र का हो सकता है। इसके बाद वे पिपराइच थाने पहुंचे, जहां पुलिस ने शव की फोटो दिखाकर पहचान कराई।
शव को सड़क पर रखकर किया प्रदर्शन
परिजन ने शव की पहचान उपेंद्र निषाद के रूप में की। पोस्टमार्टम के बाद सोमवार को शव गांव लाया गया तो परिवार और ग्रामीणों ने सड़क पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही सीओ चौरीचौरा कुंदन सिंह, एसडीएम सदर दीपक गुप्ता, शाहपुर थाने की पुलिस और जंगल धूसड़ चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे।
करीब ढाई घंटे चला प्रदर्शन
हत्या का आरोप लगाते हुए उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की। शाम चार बजे शुरू हुआ जाम करीब दो घंटे 20 मिनट बाद 6:20 बजे समाप्त हुआ। इस दौरान मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
आरोपियों से पूछताछ कर रही पुलिस
मौके पर पहुंचे पुलिस-प्रशासन के अफसरों के समझाने पर ग्रामीण शांत हुए। मामले में पुलिस ने उपेंद्र की पत्नी की तहरीर पर सिकंदर और दो अज्ञात पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर ली है। सिकंदर समेत दो अन्य को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
मांगों को स्वीकार कर कार्रवाई का भरोसा
अधिकारियों और परिजन के बीच कई दौर की बातचीत चली। परिजन ने हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच, मृतक की पत्नी को 25 लाख रुपये मुआवजा और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास देने की मांग रखी। अधिकारियों ने मांगों पर सहमति जताते हुए जांच और नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद परिजन शव के अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए और जाम समाप्त किया।
परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल
उपेंद्र तीन भाइयों और दो बहनों में सबसे छोटा था। करीब तीन वर्ष पहले उसकी शादी कुसुम देवी से हुई थी। उसकी डेढ़ माह की बेटी है। मजदूरी कर वह परिवार का पालन-पोषण करता था। उसकी मौत से पत्नी, मासूम बेटी और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
एसपी नार्थ ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि- मामले की विवेचना जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना की स्थिति स्पष्ट होगी। जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं एसडीएम सदर दीपक गुप्ता ने कहा- परिजन की मांगों को सुना गया है। उन्हें निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया गया है। मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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