वेजिटेरियन डाइट में छिपे है कई सुपरफूड्स और न्यूट्रिएंट्स: खराब रूटीन से बढ़ सकता है बीमारियों का खतरा, विशेषज्ञ दे रहें है इलाज से ज्यादा बचाव पर जोर

वेजिटेरियन डाइट में ऐसे कई सुपरफूड्स और न्यूट्रिएंट्स छिपे हैं जो दिल की बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं। शाकाहारी भोजन में मिलने वाला फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट्स और गुड फैट्स धमनियों को साफ रखने और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करते हैं।
पिछले कुछ वर्षों में डॉक्टरों ने यह चिंता कई बार जताई है कि कम उम्र के लोगों में भी हार्ट अटैक, हाई ब्लड प्रेशर और दिल से जुड़ी अन्य बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह असंतुलित खान-पान, शारीरिक गतिविधियों की कमी, तनाव, पर्याप्त नींद न लेना और प्रोसेस्ड फूड का बढ़ता सेवन माना जा रहा है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ अब इलाज से ज्यादा बचाव पर जोर दे रहे हैं।
संतुलित और पोषण से भरपूर आहार है महत्वपूर्ण
हरी पत्तेदार सब्जियों से लेकर नट्स, बीज, कुछ खास फल और ग्रीन टी जैसी चीजें न केवल कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद कर सकती हैं, बल्कि धमनियों को स्वस्थ रखने और हृदय रोगों के जोखिम को कम करने में भी सहायक मानी जाती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि हृदय को लंबे समय तक स्वस्थ बनाए रखने के लिए नियमित व्यायाम जितना जरूरी है, उतना ही महत्वपूर्ण संतुलित और पोषण से भरपूर आहार भी है। खासतौर पर ऐसे खाद्य पदार्थ, जिनमें फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट्स, ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन और मिनरल्स भरपूर मात्रा में हों, वे दिल की सेहत को बेहतर बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।
ओमेगा-3 फैटी एसिड और फाइबर दिल को देते हैं पोषण
बादाम, अखरोट, चिया सीड्स, कद्दू और अलसी के बीज स्वस्थ वसा, ओमेगा-3 फैटी एसिड और फाइबर का अच्छा स्रोत माने जाते हैं, जो हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। अध्ययनों में पाया गया है कि रोजाना अखरोट खाना से हृदय स्वास्थ्य की समस्याओं का जोखिम कम हो सकता है। नट्स और सीड्स हृदय रोगों के प्रमुख कारक ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल दोनों को कंट्रोल रखने में फायदेमंद है।
एंटीऑक्सीडेंट्स का अच्छा स्रोत होती हैं पत्तेदार सब्जियां
पालक, मेथी, सरसों का साग और ब्रोकली जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां फाइबर, विटामिन-के, फोलेट और कई शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स का अच्छा स्रोत होती हैं। ये पोषक तत्व रक्तचाप को संतुलित रखने, रक्त वाहिकाओं की कार्यक्षमता बेहतर बनाने और धमनियों में कठोरता की संभावना कम करने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा फाइबर युक्त आहार शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखने में भी सहायक माना जाता है।
हृदय को स्वस्थ रखता है एवोकाडो
हृदय को स्वस्थ रखने के लिए एवोकाडो को सबसे लाभकारी फलों में से एक माना जाता है। एवोकाडो मोनोअनसैचुरेटेड फैट का अच्छा स्रोत है, जो बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ावा देने में फायदेमंद है। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि हफ्ते में दो बार एवोकाडो का सेवन करने वालों में कार्डियोवस्कुलर रोगों का जोखिम 21 फीसदी तक कम हो सकता है।
ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखती है ग्रीन टी
ग्रीन टी में कैटेचिन्स नामक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं। कई अध्ययनों के अनुसार नियमित रूप से सीमित मात्रा में ग्रीन टी का सेवन करने से ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने और खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में सहायता मिल सकती है। इसके अलावा यह हृदय की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाले फ्री रेडिकल्स के प्रभाव को भी कम करने में सहायक मानी जाती है। हालांकि अत्यधिक मात्रा में इसका सेवन करने से बचना चाहिए।
वेजिटेरियन डाइट में ऐसे कई सुपरफूड्स और न्यूट्रिएंट्स छिपे हैं जो दिल की बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं। शाकाहारी भोजन में मिलने वाला फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट्स और गुड फैट्स धमनियों को साफ रखने और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करते हैं।
पिछले कुछ वर्षों में डॉक्टरों ने यह चिंता कई बार जताई है कि कम उम्र के लोगों में भी हार्ट अटैक, हाई ब्लड प्रेशर और दिल से जुड़ी अन्य बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह असंतुलित खान-पान, शारीरिक गतिविधियों की कमी, तनाव, पर्याप्त नींद न लेना और प्रोसेस्ड फूड का बढ़ता सेवन माना जा रहा है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ अब इलाज से ज्यादा बचाव पर जोर दे रहे हैं।
संतुलित और पोषण से भरपूर आहार है महत्वपूर्ण
हरी पत्तेदार सब्जियों से लेकर नट्स, बीज, कुछ खास फल और ग्रीन टी जैसी चीजें न केवल कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद कर सकती हैं, बल्कि धमनियों को स्वस्थ रखने और हृदय रोगों के जोखिम को कम करने में भी सहायक मानी जाती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि हृदय को लंबे समय तक स्वस्थ बनाए रखने के लिए नियमित व्यायाम जितना जरूरी है, उतना ही महत्वपूर्ण संतुलित और पोषण से भरपूर आहार भी है। खासतौर पर ऐसे खाद्य पदार्थ, जिनमें फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट्स, ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन और मिनरल्स भरपूर मात्रा में हों, वे दिल की सेहत को बेहतर बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।
ओमेगा-3 फैटी एसिड और फाइबर दिल को देते हैं पोषण
बादाम, अखरोट, चिया सीड्स, कद्दू और अलसी के बीज स्वस्थ वसा, ओमेगा-3 फैटी एसिड और फाइबर का अच्छा स्रोत माने जाते हैं, जो हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। अध्ययनों में पाया गया है कि रोजाना अखरोट खाना से हृदय स्वास्थ्य की समस्याओं का जोखिम कम हो सकता है। नट्स और सीड्स हृदय रोगों के प्रमुख कारक ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल दोनों को कंट्रोल रखने में फायदेमंद है।
एंटीऑक्सीडेंट्स का अच्छा स्रोत होती हैं पत्तेदार सब्जियां
पालक, मेथी, सरसों का साग और ब्रोकली जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां फाइबर, विटामिन-के, फोलेट और कई शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स का अच्छा स्रोत होती हैं। ये पोषक तत्व रक्तचाप को संतुलित रखने, रक्त वाहिकाओं की कार्यक्षमता बेहतर बनाने और धमनियों में कठोरता की संभावना कम करने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा फाइबर युक्त आहार शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखने में भी सहायक माना जाता है।
हृदय को स्वस्थ रखता है एवोकाडो
हृदय को स्वस्थ रखने के लिए एवोकाडो को सबसे लाभकारी फलों में से एक माना जाता है। एवोकाडो मोनोअनसैचुरेटेड फैट का अच्छा स्रोत है, जो बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ावा देने में फायदेमंद है। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि हफ्ते में दो बार एवोकाडो का सेवन करने वालों में कार्डियोवस्कुलर रोगों का जोखिम 21 फीसदी तक कम हो सकता है।
ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखती है ग्रीन टी
ग्रीन टी में कैटेचिन्स नामक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं। कई अध्ययनों के अनुसार नियमित रूप से सीमित मात्रा में ग्रीन टी का सेवन करने से ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने और खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में सहायता मिल सकती है। इसके अलावा यह हृदय की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाले फ्री रेडिकल्स के प्रभाव को भी कम करने में सहायक मानी जाती है। हालांकि अत्यधिक मात्रा में इसका सेवन करने से बचना चाहिए।
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