सीएम योगी का नया विकास मॉडल: चिलुआताल बनेगा नया पर्यटन हब, फ्लोटिंग सोलर प्लांट से तैयार होगी 20 मेगावाट बिजली

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के ऐतिहासिक चिलुआताल में विकसित किए गए नए पिकनिक स्पॉट का लोकार्पण किया। उन्होंने इसे पूर्वांचल के विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों के दौरान तालाबों और पोखरों पर अवैध कब्जे कर लिए जाते थे। जिससे जलस्रोत धीरे-धीरे समाप्त होते चले गए। लेकिन वर्तमान सरकार जलाशयों के संरक्षण, पुनर्जीवन और सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि चिलुआताल को रामगढ़ताल की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। यहां कोल इंडिया के सहयोग से फ्लोटिंग सोलर प्लांट स्थापित किया जा रहा है। जिससे 20 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल ऊर्जा उत्पादन का नया स्रोत बनेगी। वहीं पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन विकास के लिए भी मील का पत्थर साबित होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर में अब तक रामगढ़ताल ही ईको-टूरिज्म का प्रमुख केंद्र था। अब चिलुआताल भी उसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि चिलुआताल का जल पूरी तरह प्राकृतिक है। वहीं रामगढ़ताल में कभी शहर का सीवरेज जल पहुंचता था। जिसे वैज्ञानिक उपचार और सफाई अभियान के माध्यम से सुधारा गया। चिलुआताल के विकास के लिए वर्ष 2020-21 में बड़े स्तर पर डिसिल्टिंग का कार्य कराया गया था। अब इसके सौंदर्यीकरण का प्रथम चरण शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के दौर में जलाशयों को उपेक्षित छोड़ दिया जाता था। जिसके कारण वे गंदगी, अतिक्रमण और अपराध के केंद्र बन जाते थे। डबल इंजन सरकार ने तालाबों और पोखरों को बचाने के साथ-साथ उन्हें पर्यटन, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित करने का अभियान चलाया है।
वाटर स्पोर्ट्स, पर्यावरण और शहरी विकास को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हाल ही में रामगढ़ताल में आयोजित राष्ट्रीय रोइंग प्रतियोगिता में 22 राज्यों के 243 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। जिसने गोरखपुर को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर नई पहचान दिलाई। उन्होंने कहा कि चिलुआताल में भी वाटर स्पोर्ट्स की अपार संभावनाएं हैं। भविष्य में यहां विभिन्न खेल एवं पर्यटन गतिविधियां संचालित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि बड़े जलाशय केवल पर्यटन का केंद्र नहीं होते है। शहर के तापमान को नियंत्रित रखने और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी सोच के साथ गोरखपुर को स्मार्ट सिटी के साथ-साथ सेफ सिटी और सस्टेनेबल सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है।
फर्टिलाइजर कारखाने से लेकर आधुनिक संस्थानों तक बदली तस्वीर
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में गोरखपुर के औद्योगिक और शैक्षिक विकास का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छह वर्ष पहले तक बंद पड़ा फर्टिलाइजर कारखाना क्षेत्र की बदहाली का प्रतीक था। वर्ष 1990 के बाद यहां की अधिकांश गतिविधियां बंद हो गई थीं। आज यहां फर्टिलाइजर कारखाना पुनर्जीवित हो चुका है। इसके अलावा सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), सैनिक स्कूल और केंद्रीय विद्यालय जैसे संस्थान भी स्थापित किए गए हैं। केंद्रीय विद्यालय के नए भवन के लिए धनराशि स्वीकृत हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास की यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। इसके लिए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। उन्होंने लोगों से सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करने की अपील की।
स्वच्छता अभियान, पौधरोपण और योग कार्यक्रमों की घोषणा
मुख्यमंत्री ने बताया कि पांच जून से 21 जून तक विशेष जनभागीदारी अभियान चलाया जाएगा। विश्व पर्यावरण दिवस पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत व्यापक पौधरोपण किया जाएगा। वन विभाग पौधे उपलब्ध कराएगा, जबकि नगर निगम और गोरखपुर विकास प्राधिकरण अभियान को सफल बनाने में सहयोग करेंगे। उन्होंने निर्देश दिया कि चार जून को रामगढ़ताल और चिलुआताल क्षेत्र में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया जाए। इसके अलावा 21 जून को इंटरनेशनल योग दिवस के अवसर पर दोनों जलाशयों के किनारे बड़े स्तर पर योग शिविर और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
चिलुआताल पर होगी फिल्मों की शूटिंग
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गोरखपुर के सांसद रविकिशन शुक्ला ने कहा कि पिछली सरकारों ने चिलुआताल की अनदेखी की। लेकिन अब इसकी तस्वीर तेजी से बदल रही है। उन्होंने बताया कि कोल इंडिया द्वारा लगभग 134 करोड़ रुपये के निवेश से फ्लोटिंग सोलर प्लांट स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही चिलुआताल को फिल्म शूटिंग और पर्यटन गतिविधियों के लिए भी विकसित किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में यह क्षेत्र पूर्वांचल का प्रमुख पर्यटन केंद्र बनेगा। स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
सांसद रविकिशन ने कविता के माध्यम से दिया संदेश
कार्यक्रम के दौरान सांसद रविकिशन ने भोजपुरी कविता के माध्यम से जल संरक्षण और विकास का संदेश दिया। जबकि महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव और रविकिशन के बीच हल्के-फुल्के हास्य संवाद ने कार्यक्रम को रोचक बना दिया। महापौर ने स्वयं को ‘जेन-जी’ बताते हुए युवा ऊर्जा का उल्लेख किया। जिस पर रविकिशन ने भी चुटीले अंदाज में प्रतिक्रिया दी। पूरे आयोजन में विकास, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी का संदेश प्रमुख रूप से उभरकर सामने आया।
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