गोरखपुर में मंदिर की जमीन पर कब्जे का आरोप: सपा पार्षद समेत 20 पर केस, फर्जी हाउस टैक्स कराने का दावा

राजघाट क्षेत्र में मंदिर की जमीन को लेकर विवाद अब पुलिस केस तक पहुंच गया है। हनुमानचक स्थित श्री ठाकुरजी हनुमान मंदिर की जमीन पर कब्जे और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप में कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने सपा पार्षद विजेंद्र अग्रहरी समेत 20 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मंदिर की देखरेख करने वाले रामप्रकाश दास की शिकायत पर यह कार्रवाई हुई। शिकायत में जमीन को बेचने की कोशिश, मिट्टी डालकर कब्जा करने और विरोध पर धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं।
रामप्रकाश दास के अनुसार मंदिर के नाम दर्ज जमीन से संबंधित 15 दिसंबर 1998 का पंजीकृत वसीयतनामा उनके पास है। वह खुद को मंदिर का उत्तराधिकारी और सर्वराकार बताते हैं। आरोप है कि कुछ लोगों ने जमीन पर निर्माण हुए बिना ही नगर निगम से हाउस टैक्स और भवन/भूखंड संख्या जारी करा ली। इसके बाद अलग-अलग तारीखों में जमीन के बैनामे और अन्य दस्तावेज तैयार कराए गए।
विरोध करने पर जान से मारने की दी धमकी
शिकायत के मुताबिक, पांच जनवरी 2026 को पार्षद विजेंद्र अग्रहरी ने जेसीबी से मंदिर की जमीन पर मिट्टी डलवाकर उसे पाटना शुरू कराया। इसकी जानकारी होने पर मंदिर के पुजारी कमलदास मौके पर पहुंचे और काम रुकवा दिया। आरोप है कि विरोध करने पर उनके साथ गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी दी गई।
सरकारी अभिलेखों में मंदिर के नाम दर्ज है जमीन
शिकायतकर्ता का आरोप है कि 20 अगस्त को विजेंद्र अग्रहरी अपने साथियों के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर दोबारा विवादित जमीन पर पहुंचे। वहां मिट्टी डाली जा रही थी। विरोध करने पर जमीन खाली नहीं करने की स्थिति में जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया। रामप्रकाश दास का कहना है कि जमीन सरकारी अभिलेखों में मंदिर के नाम दर्ज है और उन्होंने इसे कभी नहीं बेचा।
मामले की जांच कर रही पुलिस
पुलिस ने विजेंद्र अग्रहरी, रामअवतार, दिग्विजयनाथ, अशोक कुमार अग्रहरी, चंद्रगुप्ता, सुशीला लोहिया, सत्य प्रकाश, शालिनी गुप्ता, रंजीत, अरविंद जायसवाल, विमला, कृष्ण प्रकाश, ज्योति प्रकाश, पियूष गुप्ता, इमरान खान, कृष्ण मुरारी, कृष्णकांत शर्मा, विनय कुमार, पंकज कुमार और सुरेंद्र कुमार के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पार्षद बोले- कोर्ट में रखेंगे अपना पक्ष
आरोपों पर पार्षद विजेंद्र अग्रहरी ने इन्हें गलत बताया है। उनका कहना है कि उन्होंने वर्ष 2018 में जमीन का बैनामा कराया था। वह कोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं।










