पूर्वोत्तर रेलवे का वाराणसी मंडल होगा हाईटेक: 614 किमी ट्रैक पर कवच 4.0 का पहरा, 223 करोड़ से होगा विस्तार

गोरखपुर|
614 किमी ट्रैक पर कवच 4.0 का पहरा, 223 करोड़ से होगा विस्तार

पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल में ट्रेनों की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए 614.75 किलोमीटर रेल मार्ग पर कवच 4.0 लगाने की मंजूरी दी गई है। इस परियोजना पर करीब 223 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके साथ ही मंडल के उन रेलखंडों में भी स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम का विस्तार किया जाएगा, जहां अभी कवच लगाने का काम बाकी है। भारतीय रेलवे की स्वदेशी तकनीक कवच का मुख्य उद्देश्य ट्रेनों को सिग्नल पार करने से रोकना और आपात स्थिति में ऑटोमैटिक ब्रेकिंग के जरिए दुर्घटना की आशंका कम करना है।

ट्रेन निर्धारित गति से अधिक चल रही हो या सामने दूसरी ट्रेन मौजूद हो, ऐसी स्थिति में कवच लोको पायलट को अलर्ट करता है। जरूरत पड़ने पर सिस्टम खुद ब्रेक लगाने में भी मदद करता है। इससे ट्रेनों का संचालन अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने में मदद मिलेगी। रेलवे के अनुसार, कवच के विस्तार से खराब मौसम और खासकर घने कोहरे के दौरान ट्रेन संचालन की सुरक्षा भी बेहतर होगी। इसके अलावा अधिकतम अनुमन्य गति के भीतर सुरक्षित संचालन और परिचालन विश्वसनीयता बढ़ाने में भी तकनीक उपयोगी होगी।

तीन मंडलों में पहले से चल रहा कवच का काम

पूर्वोत्तर रेलवे में कवच लगाने के लिए रेलवे मंत्रालय पहले ही 2,101 रूट किलोमीटर रेलखंडों के लिए 787.21 करोड़ रुपये की परियोजना मंजूर कर चुका है। इसके तहत लखनऊ, वाराणसी और इज्जतनगर मंडल के कई प्रमुख रेलखंडों को कवच से लैस किया जा रहा है। वाराणसी मंडल में गोरखपुर कैंट-गोल्डिनगंज, गोरखपुर कैंट-वाल्मीकिनगर रोड, भटनी-वाराणसी, वाराणसी-प्रयागराज और औंड़िहार-छपरा रेलखंडों पर कवच लगाने का काम स्वीकृत है।

101.97 रूट किमी पर पूरा हुआ कमीशनिंग का काम

पूर्वोत्तर रेलवे में डोमिनगढ़-स्वामीनारायण छपिया 101.97 रूट किलोमीटर लंबा पहला स्टैंडर्ड कवच युक्त रेलखंड बन चुका है। यहां स्टैंडर्ड कवच की कमीशनिंग 31 अगस्त को पूरी कर इसे चालू कर दिया गया। इससे पहले 26 अगस्त को डोमिनगढ़-जगतबेला रेलखंड पर लोको ट्रायल हुआ था। दो कवच युक्त लोकोमोटिव के जरिए आमने-सामने और पीछे से होने वाली टक्कर रोकने के लिए ऑटोमैटिक ब्रेकिंग का परीक्षण किया गया। एसओएस जनरेशन का परीक्षण भी सफल रहा। दोनों लोको निर्धारित दूरी से पहले रुक गए।

ट्रेन में ऑटोमैटिक ब्रेक सिस्टम से संचालन को मिलेगा बढ़ावा

डोमिनगढ़-स्वामीनारायण छपिया रेलखंड के 14 ब्लॉक सेक्शन में कवच युक्त लोकोमोटिव के संचालन के दौरान आमने-सामने और पीछे से होने वाली टक्कर रोकने में सिस्टम मदद करेगा। जरूरत पड़ने पर ट्रेन में अपने आप ब्रेक लगने से सुरक्षित संचालन को बढ़ावा मिलेगा।

नव्य जागरण

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