गोरखपुर में सीएम ने दिव्यांगों को बांटे 664 सहायक उपकरण: पेंशन बढ़ाने का दिया संकेत, हर विधानसभा में लगेगा कैंप

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को दिव्यांगजनों के लिए पेंशन बढ़ाने का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि दिव्यांग पेंशन पहले 300 रुपये थी, जिसे सरकार ने बढ़ाकर 500 और फिर 1000 रुपये किया। अब कुछ दिनों में इसमें एक बार फिर बढ़ोतरी की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में चल रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत गोरखपुर क्लब में कार्यक्रम आयोजित हुआ। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग और एचयूआरएल गोरखपुर के संयुक्त आयोजन में मुख्यमंत्री ने 509 दिव्यांगजनों को 664 सहायक उपकरण वितरित किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी समाज की प्रगति सिर्फ इमारतों और विकास परियोजनाओं से नहीं आंकी जा सकती। वास्तविक कसौटी यह है कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक कितनी आसानी से पहुंच रहा है। बिना भेदभाव हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सुशासन का मूल आधार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में जाति, मत, मजहब, क्षेत्र और भाषा के आधार पर भेद किए बिना योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचा है। ‘अयोग्यो पुरुषो नास्ति’ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति अयोग्य नहीं होता, उसे अवसर से जोड़ने की जरूरत होती है।
प्रतिभा को सहानुभूति नहीं, अवसर की जरूरत
योगी ने कहा कि शारीरिक चुनौती किसी व्यक्ति की प्रतिभा को रोक नहीं सकती। प्रतिभा को दया नहीं, बल्कि अवसर चाहिए। सही संसाधन और प्रशिक्षण मिलने पर दिव्यांगजन अपनी क्षमता के अनुरूप ऊंचाइयां हासिल कर सकते हैं। उन्होंने ऋषि अष्टावक्र, सूरदास, रवींद्र जैन, अरुणिमा सिन्हा और पैरालंपिक खिलाड़ियों का उदाहरण दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पदक केवल शारीरिक ताकत से नहीं, बल्कि मजबूत हौसलों से जीते जाते हैं। उन्होंने कहा कि 2015 में प्रधानमंत्री ने ‘विकलांग’ के स्थान पर ‘दिव्यांग’ शब्द का प्रयोग कर समाज की सोच बदलने का प्रयास किया।
छूटे लोगों को योजनाओं से जोड़ेंगे
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2026-27 में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में शिविर लगाकर पेंशन से वंचित दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में 17 लाख से अधिक दिव्यांगजनों की डिजिटल पहचान मजबूत कर उन्हें कार्ड उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि सशक्तीकरण की प्रक्रिया बचपन से शुरू होनी चाहिए। शुरुआती जांच, थेरेपी, अभिभावकों का मार्गदर्शन, विशेष शिक्षा और तकनीकी सहायता पर जोर दिया जा रहा है। तीन से सात वर्ष के श्रवणबाधित, दृष्टिबाधित और बौद्धिक दिव्यांगता वाले बच्चों के लिए बचपन डे केयर सेंटरों का विस्तार किया जा रहा है।
प्रदेश में दिव्यांगजनों के लिए हैं दो विश्वविद्यालय
योगी ने शिक्षा को सशक्तीकरण का अहम माध्यम बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है, जहां दिव्यांगजनों के लिए दो विश्वविद्यालय संचालित हैं। लखनऊ में डॉ. शकुंतला मिश्रा दिव्यांगजन सशक्तीकरण विश्वविद्यालय और चित्रकूट में जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय चल रहा है। उन्होंने दिव्यांगजनों को सीएम युवा, पीएम स्वनिधि, ओडीओपी, पीएम विश्वकर्मा, पीएम मुद्रा और स्टैंडअप जैसी योजनाओं से जोड़ने पर जोर दिया। कॉक्लियर इंप्लांट के लिए छह लाख रुपये तक के खर्च और स्पीच थेरेपी में भी सरकारी सहयोग की बात कही।
18 मंडलों में पुनर्वास केंद्र का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में संचालित स्पर्श राजकीय दृष्टिबाधित बालक एवं बालिका इंटर कॉलेज, संकेत राजकीय मूकबधिर विद्यालय, बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मनोविकास केंद्र और राजकीय कौशल विकास केंद्र का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी 18 मंडलों में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। गोरखपुर में सीतापुर आई हॉस्पिटल परिसर में केंद्र शुरू हो चुका है।
ट्राईसाइकिल, स्मार्टफोन और ब्रेल किट बांटी गईं
कार्यक्रम में 127 मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल, 25 ई-ट्राईसाइकिल, 70 ट्राईसाइकिल, स्मार्ट केन, ब्रेल किट, 90 हियरिंग एड और पांच स्मार्टफोन समेत अन्य सहायक उपकरण वितरित किए गए। दिव्यांग विद्यार्थियों को पाठ्य पुस्तकें भी दी गईं। मुख्यमंत्री ने हरभजन सिंह और दीपू मिश्रा को स्मार्टफोन, खुशी को ब्रेल गीता और नीरज यादव को ब्रेल रामचरितमानस प्रदान की। अंजनी व रामणी को स्मार्ट केन और आदित्य गुप्ता व मायरा को सांकेतिक भाषा की शिक्षण सामग्री दी गई।
विभाग का बजट 665 से बढ़कर 2200 करोड़: कश्यप
राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार नरेंद्र कश्यप ने कहा कि सपा सरकार में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग का बजट 665 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 2200 करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 25 डे केयर सेंटर संचालित हैं और 28 नए केंद्र खोले जाएंगे। कार्यक्रम में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, कैबिनेट मंत्री संजय निषाद, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह, डॉ. धर्मेंद्र सिंह, डॉ. महेंद्र सिंह समेत विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।










