गोरखपुर-लखनऊ हाईवे बनेगा स्मार्ट कॉरिडोर: एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से होगी निगरानी, जाम और हादसों पर लगेगी डिजिटल लगाम

गोरखपुर|19 मई 2026
एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से होगी निगरानी, जाम और हादसों पर लगेगी डिजिटल लगाम

NHAI की ओर से गोरखपुर-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग-27 को अब आधुनिक तकनीक से लैस स्मार्ट हाईवे के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। बढ़ते ट्रैफिक दबाव, सड़क हादसों और घंटों लगने वाले जाम से परेशान यात्रियों को इस परियोजना के लागू होने के बाद बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। नई व्यवस्था के तहत पूरे हाईवे पर 24 घंटे डिजिटल निगरानी रखी जाएगी। ट्रैफिक मैनेजमेंट को पूरी तरह टेक्नोलॉजी बेस्ड बनाया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना का उद्देश्य सफर को अधिक सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक बनाना है।

एनएचएआई हाईवे पर एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) स्थापित करेगा। इस हाईटेक सिस्टम के जरिए सड़क पर होने वाली हर गतिविधि पर रियल टाइम निगरानी रखी जाएगी। कहीं दुर्घटना होने, ट्रैफिक जाम लगने या ओवरस्पीडिंग की स्थिति बनते ही कंट्रोल सेंटर को तत्काल अलर्ट मिलेगा। इससे राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया जा सकेगा। परियोजना के तहत दो मुख्य कंट्रोल सेंटर और एक सब-कंट्रोल सेंटर बनाया जाएगा, जहां से पूरे हाईवे नेटवर्क की मॉनिटरिंग की जाएगी।

हर किलोमीटर पर कैमरों की नजर

सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हाईवे पर कुल 238 सीसीटीवी और पीटीजेड कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे कंट्रोल रूम से संचालित होंगे और जरूरत पड़ने पर किसी भी दिशा में घुमाकर निगरानी की जा सकेगी। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों, इंटरचेंज और व्यस्त जंक्शन पर अतिरिक्त कैमरों की व्यवस्था होगी। इसके अलावा हर 10 किलोमीटर पर वीडियो इंसीडेंट डिटेक्शन सिस्टम और एएनपीआर कैमरे लगाए जाएंगे, जो ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहनों की पहचान कर तुरंत अलर्ट भेजेंगे। अधिकारियों के अनुसार इससे सड़क सुरक्षा में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

यात्रियों को मिलेगी रियल टाइम जानकारी

हाईवे पर सफर करने वाले यात्रियों को मौसम, जाम, सड़क की स्थिति और डायवर्जन की जानकारी रियल टाइम में उपलब्ध कराने के लिए 18 डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएंगे। वहीं वाहनों की गति पर नजर रखने के लिए 24 स्पीड डिटेक्शन सिस्टम लगाए जाएंगे। इसके साथ ही 122 इमरजेंसी कॉल बॉक्स भी स्थापित किए जाएंगे, जिनकी मदद से दुर्घटना, वाहन खराब होने या मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में यात्री सीधे कंट्रोल रूम से संपर्क कर सकेंगे।

जाम और हादसों पर लगेगी प्रभावी रोक

एनएचएआई अधिकारियों का कहना है कि हाईवे पर 52 विशेष ट्रैफिक उपकरण भी लगाए जाएंगे, जो ट्रैफिक दबाव का पहले से आकलन कर वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करेंगे। इससे लंबा जाम लगने की समस्या काफी हद तक कम होगी। माना जा रहा है कि यह परियोजना पूर्वांचल के सबसे व्यस्त हाईवे को आधुनिक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी। स्मार्ट तकनीक लागू होने के बाद गोरखपुर से लखनऊ तक का सफर न केवल सुरक्षित होगा, बल्कि यात्रियों का समय भी बचेगा।

नव्य जागरण

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