गोरखपुर में ट्रिपल मर्डर: नाबालिग ने भाई-भाभी और 3 साल के भतीजे की हत्या की, दुकान के विवाद में खून से रंगा घर

बांसगांव थाना क्षेत्र के बलुआ गांव में सोमवार तड़के एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। जहां 16 वर्षीय किशोर ने अपने बड़े भाई, भाभी और तीन वर्षीय भतीजे की कथित रूप से धारदार हथियार से हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी घर की ऊपरी मंजिल पर अपने कमरे में जाकर बैठ गया। घटना के समय कमरे में मौजूद नौ वर्षीय भतीजी ने हत्या होते देख शोर मचाया। इसके बाद परिवार के अन्य सदस्य जाग गए। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में पारिवारिक संपत्ति और दुकान को लेकर चल रहे विवाद की बात सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, बलुआ गांव निवासी हीरालाल गुप्ता का परिवार दो मंजिला मकान में रहता है। घर की निचली मंजिल पर बड़े बेटे अमित गुप्ता अपनी पत्नी रंजना गुप्ता, नौ वर्षीय बेटी और तीन वर्षीय बेटे रेयांश के साथ रहते थे। वहीं, आरोपी छोटा बेटा ऊपरी मंजिल के एक कमरे में रहता था। सोमवार तड़के करीब तीन बजे आरोपी कथित रूप से गड़ासा लेकर बड़े भाई के कमरे में पहुंचा। उस समय परिवार के सभी सदस्य गहरी नींद में सो रहे थे। आरोप है कि उसने अचानक अमित, रंजना और मासूम रेयांश पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमला इतना तेज और अचानक था कि किसी को बचाव का अवसर नहीं मिला। तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।
भतीजी की चीख से खुली परिजनों की नींद
घटना के दौरान कमरे में मौजूद नौ वर्षीय बच्ची ने पूरी वारदात देख ली। भयभीत बच्ची चीखते हुए कमरे से बाहर भागी। उसकी आवाज सुनकर घर में सो रहे माता-पिता की नींद खुल गई। पिता हीरालाल गुप्ता जब बेटे के कमरे में पहुंचे तो वहां का दृश्य देखकर स्तब्ध रह गए। कमरे में चारों ओर खून फैला हुआ था और बेड पर तीनों के शव पड़े थे। इसी दौरान आरोपी छोटा बेटा हाथ में खून से सना गड़ासा लेकर कमरे से बाहर निकलता दिखाई दिया। घटना की भयावहता से सहमे पिता ने तत्काल पड़ोसियों और पुलिस को सूचना दी।
कमरे में मिला आरोपी
सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस के साथ सीनियर अफसर भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घर की ऊपरी मंजिल पर स्थित कमरे से आरोपी किशोर को हिरासत में ले लिया। बताया गया कि वह वारदात में प्रयुक्त गड़ासे के साथ कमरे में बैठा हुआ था। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
मामले की जांच कर रही पुलिस
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि परिवार की एक किराना दुकान है। इसमें छोटा बेटा बैठता था। वहीं बड़े भाई अमित गुप्ता बाहर नौकरी करते थे। लेकिन कुछ महीने पहले गांव लौट आए थे। प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि आरोपी को आशंका थी कि बड़ा भाई दुकान की जिम्मेदारी अपने हाथ में ले सकता है। इसी मुद्दे को लेकर परिवार में समय-समय पर विवाद होने की बात भी सामने आई है। हालांकि पुलिस का कहना है कि हत्या के पीछे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच की जा रही है।
गोद ली हुई बेटी के सामने मिटा पूरा परिवार
मृतक अमित गुप्ता और उनकी पत्नी रंजना की शादी करीब 15 वर्ष पहले हुई थी। शादी के कई वर्षों तक संतान नहीं होने पर दोनों ने आपसी सहमति से एक बेटी को गोद लिया था। वर्तमान में उसकी उम्र नौ वर्ष है। बाद में तीन वर्ष पहले उनके घर बेटे रेयांश का जन्म हुआ। हैरानी की बात यह है कि आरोपी ने अमित, उनकी पत्नी और बेटे की हत्या कर दी। लेकिन गोद ली हुई भतीजी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया। घटना की प्रत्यक्षदर्शी ज्योति उर्फ रूबीका गुप्ता ने बताया कि वारदात के समय वह भी कमरे में मौजूद थी। उसके मुताबिक, चाचा ने सबसे पहले उसके पिता पर हमला किया। फिर उसकी मां तथा छोटे भाई रेयांश की हत्या कर दी। बच्ची ने बताया कि वह लगातार चाचा से अपने पिता और भाई को नहीं मारने की गुहार लगाती रही। लेकिन उन्होंने उसकी एक नहीं सुनी। भयभीत बच्ची किसी तरह वहां से भागकर दादी के पास पहुंची और पूरी घटना की जानकारी दी।
दो साल पहले लौटा था गांव
मामले में मृतक अमित गुप्ता के पिता हरीलाल की तहरीर पर केस दर्ज किया गया है। हरीलाल ने पुलिस को बताया कि परिवार की एक दुकान कस्बे में स्थित है। बड़ा बेटा अमित पहले बाहर रहकर काम करता था। लेकिन करीब दो वर्ष पहले गांव लौटने के बाद दुकान पर बैठने लगा था। इसी बात को लेकर छोटा बेटा नाराज रहने लगा। आरोप है कि इसी रंजिश और कुंठा के चलते उसने बड़े भाई, भाभी और भतीजे की हत्या कर दी। हरीलाल के अनुसार, आरोपी ने पहले तीनों पर डंडे से हमला किया। बाद में बांका-गड़ासे से वार कर उनकी हत्या कर दी। आरोपी नौवीं कक्षा तक पढ़ा है।
पहले भी हो चुका था विवाद
परिजनों के अनुसार, परिवार में तनाव पहले से बना हुआ था। हरीलाल हृदय रोग से पीड़ित हैं और उनका इलाज चल रहा है। उनकी पत्नी भी नियमित दवा लेती हैं। करीब दो महीने पहले भी छोटे बेटे और पिता के बीच विवाद हुआ था। बताया गया कि आरोपी काम शुरू करने के लिए पिता से पांच लाख रुपये की मांग कर रहा था। विवाद बढ़ने पर मामला थाने तक पहुंचा था। जहां दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि आरोपी अक्सर शराब के नशे में घर में विवाद करता था। वहीं अमित पहले बाहर रहकर पेंट-पॉलिश का काम करते थे और दो वर्ष पहले गांव लौटे थे।
पुलिस ने दर्ज किया केस
पुलिस अधीक्षक दिनेश पुरी ने बताया कि अमित गुप्ता, उनकी पत्नी रंजना गुप्ता और पुत्र रेयांश एक ही कमरे में सो रहे थे। तीनों की उसी कमरे में हत्या की गई है। आरोपी किशोर को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पिता की तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।जल्द ही घटना के कारणों का खुलासा किया जाएगा।
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