एमएमएमयूटी प्रकरण: जांच के लिए गठित समिति में डीडीयू की दो महिला प्रोफेसर शामिल, छात्रों की मांग- दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई

गोरखपुर|17 अप्रैल 2026
 जांच के लिए गठित समिति में डीडीयू की दो महिला प्रोफेसर शामिल, छात्रों की मांग- दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई

गोरखपुर के मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में प्रोफेसर पर लगे आरोपों और छात्र-छात्राओं के हंगामे के मामले ने तूल पकड़ लिया है। अब इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए गठित समिति जल्द ही काम शुरू करेगी। खास बात यह है कि जांच की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की दो महिला प्रोफेसरों को भी समिति में शामिल किया गया है।

बुधवार को विश्वविद्यालय परिसर में उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी, जब छात्राओं ने एक प्रोफेसर पर असहज करने का आरोप लगाया। आरोपों से नाराज छात्राओं ने अन्य छात्रों के साथ मिलकर मुख्य द्वार से लेकर प्रशासनिक भवन तक जोरदार प्रदर्शन किया और कार्रवाई की मांग की।

देर रात पहुंचे डीएम और एसएसपी

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। डीएम दीपक मीणा और एसएसपी डॉ. कौस्तुभ सहित कई अधिकारी देर रात विश्वविद्यालय परिसर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। प्रशासनिक भवन में हुई इस बैठक के दौरान छात्रों ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और साथ ही हॉस्टल से जुड़ी अन्य समस्याएं भी उठाईं।

निष्पक्ष जांच के लिए बनाई गई समिति

छात्र-छात्राओं की मांग को ध्यान में रखते हुए प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रबंधन ने संयुक्त रूप से एक जांच समिति गठित की है। इस समिति में गोरखपुर विश्वविद्यालय की दो महिला प्रोफेसरों को शामिल किया गया है, ताकि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो सके। अधिकारियों ने छात्रों को भरोसा दिलाया है कि मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई होगी।

क्या है पूरा मामला

जानकारी के अनुसार, बुधवार को शहर में आयोजित एक शैक्षणिक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए विश्वविद्यालय की छात्राओं को भी जाना था। जब एक महिला हॉस्टल की छात्राएं कार्यक्रम में जाने के लिए बाहर नहीं निकलीं, तो एक प्रोफेसर हॉस्टल वार्डन, कुछ शिक्षकों और सुरक्षा गार्ड के साथ वहां पहुंच गए।

छात्राओं का आरोप है कि पुरुष प्रोफेसर ने उनके कमरों के दरवाजे खटखटाए, जबकि उस समय वे घरेलू कपड़ों में थीं। इससे वे असहज हो गईं। इसी बात को लेकर छात्राओं में नाराजगी फैल गई और उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

मामले की हो निष्पक्ष जांच

प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने स्पष्ट कहा है कि वे मामले की निष्पक्ष जांच चाहते हैं और दोषी पाए जाने पर संबंधित प्रोफेसर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। अब सभी की नजरें जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह तय होगा कि इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।

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