एमपीएल सीजन-10 का भव्य समापन: श्री श्याम मंडल और मारवाड़ी सेवा के बीच दोस्ताना मुकाबला, फाइनल में चमके खिलाड़ी

जिले के खेल प्रेमियों और स्थानीय प्रतिभाओं के सबसे पसंदीदा मंच 'मारवाड़ी प्रीमियर लीग' के 10वें सीजन का मंगलवार की शाम बेहद जोश और उत्साह के साथ भव्य समापन हो गया। गोरखपुर की खेल संस्कृति को एक नई ऊंचाई देते हुए इस टूर्नामेंट के आखिरी दिन श्री श्याम मंडल न्यास और मारवाड़ी सेवा समिति के बीच एक रोमांचक मुकाबला खेला गया। इस विशेष मैच ने न केवल खिलाड़ियों के बीच खेल भावना को प्रदर्शित किया, बल्कि पूरे शहर के दर्शकों को अपनी सीटों से बांधे रखा। शाम ढलते ही मैदान पर जो ऊर्जा दिखी, उसने यह साबित कर दिया कि गोरखपुर में क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि एक उत्सव है, जहां सभी समुदाय के लोग एकजुट होकर अपनी टीम का हौसला बढ़ाते हैं।
क्रिकेट के मैदान पर दिखा रोमांच
आज शाम करीब 7:00 बजे तक चले इस 10 ओवर के रोमांचक मुकाबले में श्री श्याम मंडल न्यास और मारवाड़ी सेवा समिति की टीमें आमने-सामने थीं। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी श्री श्याम मंडल न्यास की टीम ने निर्धारित 10 ओवरों के खेल में आक्रामक शुरुआत की। टीम ने शुरुआती 4 ओवरों में ही स्कोरबोर्ड पर 46 रन का आंकड़ा तय कर लिया, जिससे विपक्षी टीम पर दबाव साफ नजर आने लगा।

कप्तानों का अनुभव और गौरव की तूफानी पारी
श्री श्याम मंडल न्यास की कमान अनुभवी खिलाड़ी कुंज बिहारी के हाथों में थी, जिन्होंने अपनी रणनीति से टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। वहीं दूसरी ओर, मारवाड़ी सेवा समिति का नेतृत्व अशोक अग्रवाल कर रहे थे, जिन्होंने अपनी रणनीतिक फील्डिंग से विपक्षी बल्लेबाजों को रोकने की पूरी कोशिश की। मैच का मुख्य आकर्षण श्री श्याम मंडल न्यास के बल्लेबाज गौरव जालान रहे। गौरव ने मैदान के चारों ओर चौकों और छक्कों की बरसात करते हुए महज 12 गेंदों में 35 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली। उनकी इस पारी ने दर्शकों में जबरदस्त उत्साह भर दिया।

आयोजन समिति की मेहनत लाई रंग
एमपीएल के इस 10वें सीजन को सफल बनाने में आयोजन समिति का विशेष योगदान रहा। आयोजनकर्ता प्रतीक अग्रवाल, निलेश अग्रवाल, सौरभ जालान और अभिषेक केडिया ने रात-दिन एक कर इस टूर्नामेंट को प्रोफेशनल टच दिया। मैच के दौरान व्यवस्थाएं चाक-चौबंद थीं और दर्शकों की भारी भीड़ ने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया। आयोजकों ने बताया कि एमपीएल का उद्देश्य न केवल खेल को बढ़ावा देना है, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों के बीच आपसी तालमेल और भाईचारा पैदा करना भी है।
पत्रकारों का सम्मान: एक नई पहल
इस समापन समारोह की एक खास बात यह रही कि खेल के साथ-साथ लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी पत्रकारों को भी मंच पर सम्मानित किया गया। गोरखपुर के विभिन्न मीडिया संस्थानों से आए पत्रकारों को उनके उत्कृष्ट कार्य और खेलों की निरंतर कवरेज के लिए स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। आयोजकों का मानना है कि शहर की सकारात्मक खबरों को जनता तक पहुंचाने में मीडिया की भूमिका सराहनीय है।
खेलों का केंद्र बनता गोरखपुर
गौरतलब है कि गोरखपुर अब उत्तर प्रदेश में खेलों के एक नए हब के रूप में उभर रहा है। शहर के विभिन्न मैदानों पर समय-समय पर इस तरह के टूर्नामेंट आयोजित होते रहते हैं, जो स्थानीय युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर देते हैं। एमपीएल का 10वां सीजन अपनी यादें छोड़ते हुए समाप्त हुआ, लेकिन अगले साल के लिए उम्मीदें और अधिक बढ़ गई हैं।
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