कम टैक्स वसूली पर नगर आयुक्त सख्त: बड़े बकाएदारों पर चलेगा अभियान, समीक्षा बैठक में अधिकारियों को लगाई फटकार

गोरखपुर|19 मई 2026
बड़े बकाएदारों पर चलेगा अभियान, समीक्षा बैठक में अधिकारियों को लगाई फटकार

नगर निगम में संपत्ति कर विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान नगर आयुक्त ने राजस्व वसूली की धीमी रफ्तार पर कड़ी नाराजगी जताई। शासन द्वारा तय लक्ष्य के मुकाबले कम टैक्स वसूली और संपत्तियों के कम पंजीकरण पर अधिकारियों को फटकार लगाई गई। नगर आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी जोनों में लक्ष्य के अनुरूप राजस्व वसूली हर हाल में सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि लापरवाही या सुस्ती अब किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

बैठक में नगर आयुक्त ने राजस्व निरीक्षकों, कर अधीक्षकों और जोनल अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में दस लाख रुपये से अधिक बकाया रखने वाले करदाताओं से व्यक्तिगत संपर्क करें। जरूरत पड़ने पर उनके घर जाकर बकाया कर जमा कराने की कार्रवाई की जाए। नगर आयुक्त ने कहा कि नगर निगम की वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए टैक्स वसूली में तेजी लाना बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बड़े बकाएदारों की सूची तैयार कर विशेष अभियान चलाया जाए ताकि लंबित कर की वसूली समयबद्ध तरीके से पूरी हो सके।

नामांतरण मामलों में देरी पर भी सख्त रुख

समीक्षा बैठक के दौरान लंबित नामांतरण मामलों को लेकर भी नगर आयुक्त ने गंभीर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जनहित गारंटी अधिनियम के तहत संपत्ति नामांतरण की प्रक्रिया अधिकतम 45 दिनों के भीतर पूरी होनी चाहिए। यदि किसी स्तर पर अनावश्यक देरी या लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नगर आयुक्त ने निर्देश दिए कि सभी लंबित प्रकरणों की सूची तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर उनका निस्तारण किया जाए, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

टैक्स बिलों से जुड़ी शिकायतों का होगा समाधान

नगर आयुक्त ने अधिकारियों से यह भी कहा कि यदि किसी भवन स्वामी या अध्यासी को संपत्ति कर बिल को लेकर कोई आपत्ति है, तो उसका निस्तारण तत्काल सक्षम स्तर पर कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर निगम की प्राथमिकता केवल वसूली बढ़ाना नहीं, बल्कि पारदर्शिता और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाना भी है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि लोगों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।

तीन दिन में मांगा गया सर्वे डेटा

बैठक में संपत्ति सर्वे कर रही कंपनी मेसर्स लॉजीकूफ टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड को भी निर्देश दिए गए। नगर आयुक्त ने कहा कि कंपनी द्वारा पांच वार्डों में किए गए सर्वे का पूरा डेटा आवासीय और अनावासीय श्रेणी के अनुसार तीन दिनों के भीतर उपलब्ध कराया जाए। अधिकारियों का मानना है कि सही डेटा मिलने के बाद टैक्स निर्धारण और वसूली प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

कई सीनियर अफसर रहे मौजूद

समीक्षा बैठक में अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी राकेश कुमार सोनकर, सहायक नगर आयुक्त अविनाश प्रताप सिंह, रवि कुमार सिंह और सुरेंद्र प्रताप समेत कर निर्धारण अधिकारी, कर अधीक्षक, कंप्यूटर प्रोग्रामर और राजस्व वसूलीकर्ता मौजूद रहे। बैठक के दौरान सभी अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि आने वाले दिनों में राजस्व वसूली और संपत्ति पंजीकरण को लेकर विशेष अभियान चलाया जाएगा और प्रदर्शन के आधार पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।

नव्य जागरण

पूरी खबर पढ़ें ऐप पर

ऐप डाउनलोड करने के लिए QR कोड
ऐप डाउनलोड करने के लिए QR स्कैन करेंGET IT ON Google Play

अधूरा नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर

ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।

वेबसाइट पर ही पढ़ें