गैस सिलिंडर संकट के बीच पीएनजी की बढ़ी मांग: गोरखपुर में कनेक्शन 18 हजार के पार, एक महीने में जुड़े 1200 से अधिक नए उपभोक्ता

गोरखपुर जिले में रसोई गैस सिलिंडर की किल्लत के बीच पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की मांग तेजी से बढ़ रही है। जिन क्षेत्रों में पीएनजी की सुविधा उपलब्ध है, वहां उपभोक्ताओं की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। बीते एक महीने में ही 1200 से अधिक नए घरों में पीएनजी कनेक्शन दिए गए हैं, जिससे जिले में कुल कनेक्शन की संख्या 18 हजार के पार पहुंच गई है।
मार्च के पहले सप्ताह से शुरू हुए रसोई गैस संकट ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जिन परिवारों के पास गैस कनेक्शन नहीं था, उन्हें सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, जिनके कनेक्शन पहले से थे, उनमें से कई के कनेक्शन निष्क्रिय या निलंबित हो चुके थे, क्योंकि वे सीधे सिलिंडर मंगाकर उपयोग करते थे।
बुकिंग व्यवस्था भी बनी परेशानी का कारण
संकट गहराने पर जब लोगों ने बड़े पैमाने पर गैस बुकिंग करानी शुरू की तो तेल कंपनियों के सर्वर पर दबाव बढ़ गया, जिससे कई दिनों तक बुकिंग प्रभावित रही। करीब 10 दिन बाद व्यवस्था सामान्य तो हुई, लेकिन डिजिटल ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) समय पर न मिलने से उपभोक्ताओं को दिक्कतें झेलनी पड़ीं। ऐसे हालात में पीएनजी एक बेहतर और सुविधाजनक विकल्प के रूप में उभरकर सामने आया है।
तीन जिलों में 26 हजार से अधिक कनेक्शन
गोरखपुर, बस्ती और आंबेडकरनगर जिलों में टोरेंट गैस कंपनी द्वारा पीएनजी की आपूर्ति की जा रही है। इनमें गोरखपुर में सबसे अधिक करीब 18 हजार कनेक्शन हैं, जबकि बस्ती में लगभग 7 हजार और आंबेडकरनगर में करीब 2 हजार उपभोक्ता इस सेवा का लाभ उठा रहे हैं। संतकबीरनगर में भी कंपनी द्वारा पाइपलाइन बिछाने का कार्य तेजी से चल रहा है।
इन इलाकों में उपलब्ध है सुविधा
गोरखपुर शहर के राप्तीनगर, बरगदवा, दक्षिणी बेतियाहाता, तारामंडल, खोराबार, जंगल सालिकराम, गीडा, रामजानकीनगर, मोहद्दीपुर, रेलवे कॉलोनी, सिंघड़िया, खानीपुर, रुस्तमपुर और नौसढ़ सहित कई क्षेत्रों में पीएनजी पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है।
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