पीपीगंज में आरओबी का रास्ता साफ: फोरलेन से टू-लेन पर बनी सहमति, पिपराइच में भी निर्माण की मंजूरी

गोरखपुर जिले के पीपीगंज में लंबे समय से अटके रेलवे ओवरब्रिज प्रोजेक्ट को लेकर बड़ी राहत की खबर है। करीब तीन साल के इंतजार के बाद अब ओवरब्रिज निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। फोरलेन के बजाय टू-लेन ओवरब्रिज बनाने पर सहमति बन गई है। इस फैसले के बाद प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। सेतु निगम अब फोरलेन के बजट को रिवाइज कर टू-लेन के हिसाब से प्रस्ताव तैयार करेगा। जैसे ही इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलेगी, निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। खास बात यह है कि इस प्रोजेक्ट के लिए टेंडर की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है, जिससे काम शुरू होने में ज्यादा देरी नहीं होगी।
ओवरब्रिज की नई डिजाइन को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि घनी आबादी पर कम असर पड़े। प्रस्तावित रूट अब खेतों और बापू इंटर कॉलेज के मैदान से होकर गुजरेगा। इससे मकानों और दुकानों को नुकसान कम होगा। स्थानीय लोग लंबे समय से फोरलेन ओवरब्रिज का विरोध कर रहे थे। उनका कहना था कि इससे कई घर और दुकानें टूट जाएंगी। इसी को देखते हुए प्रशासन ने डिजाइन में बदलाव किया। अब टू-लेन ओवरब्रिज का विकल्प चुना गया है, जो कम जगह में तैयार हो सकेगा।
कैसे बदला प्रोजेक्ट का प्लान
इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 2023 में हुई थी। उस समय टू-लेन ओवरब्रिज को मंजूरी मिली थी। लेकिन 2024 में ट्रैफिक प्रेशर को देखते हुए इसे फोरलेन में अपग्रेड कर दिया गया। इसके बाद 2025 में फोरलेन ओवरब्रिज का टेंडर भी जारी कर दिया गया। लेकिन इसी दौरान हालात बदल गए। एनएचएआई ने नयनसर से बाईपास का निर्माण कर दिया। इससे पीपीगंज कस्बे में ट्रैफिक का दबाव काफी कम हो गया। नई स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने फिर से टू-लेन ओवरब्रिज के विकल्प पर विचार किया। अब इसी पर सहमति बन गई है।
स्थानीय लोगों की मांग का असर
ओवरब्रिज को लेकर स्थानीय लोगों ने लगातार आवाज उठाई थी। उन्होंने अपने मकान और दुकानों को बचाने की मांग की थी। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात की थी। लोगों का कहना था कि फोरलेन ओवरब्रिज से बड़ी संख्या में संपत्तियों को नुकसान होगा। अब टू-लेन विकल्प से उनकी यह चिंता काफी हद तक दूर हो गई है।

पिपराइच में भी फोरलेन ओवरब्रिज की तैयारी
दूसरी ओर पिपराइच में रेलवे क्रॉसिंग पर फोरलेन ओवरब्रिज के निर्माण को मंजूरी मिल गई है। यहां जल्द ही सर्वे का काम शुरू किया गया है। इस ओवरब्रिज के बनने से चौरीचौरा, देवरिया और आसपास के क्षेत्रों में जाने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। खासकर भटहट क्षेत्र के लोगों के लिए यात्रा आसान हो जाएगी।
रेलवे क्रॉसिंग पर जाम बड़ी समस्या
पीपीगंज और पिपराइच दोनों जगहों पर रेलवे क्रॉसिंग पर जाम एक बड़ी समस्या है। पीपीगंज के जसवल-बढ़या फाटक पर सुबह छह बजे से रात 10 बजे तक करीब 26 ट्रेनें गुजरती हैं। इसके अलावा मालगाड़ियों की आवाजाही भी होती रहती है। ऐसे में दिनभर कई बार फाटक बंद होता है। सुबह और शाम के पीक टाइम में लोग घंटों जाम में फंसे रहते हैं। यह मार्ग संतकबीरनगर समेत कई क्षेत्रों को जोड़ता है। ऐसे में ओवरब्रिज का निर्माण यहां बेहद जरूरी माना जा रहा है।
टीम ने किया सर्वे
सेतु निगम के जीएम मिथिलेश कुमार ने बताया कि पीपीगंज और पिपराइच दोनों जगहों पर ओवरब्रिज निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है। पीपीगंज में संयुक्त टीम ने सर्वे पूरा कर लिया है। अब फोरलेन बजट को टू-लेन में रिवाइज करने का प्रस्ताव भेजा जाएगा। मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।











