गोरखपुर में चार साल बाद शुरू हुई टीजीटी भर्ती परीक्षा: 24 केंद्रों पर पहुंचे हजारों अभ्यर्थी, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) भर्ती परीक्षा आज गोरखपुर समेत प्रदेशभर में शुरू हो गई। करीब चार वर्ष बाद आयोजित हो रही इस महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों में उत्साह के साथ-साथ गंभीरता भी देखने को मिली। गोरखपुर में परीक्षा के लिए कुल 24 केंद्र बनाए गए हैं। जहां लगभग 37 हजार अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए प्रशासन ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की बहुस्तरीय जांच की गई। जिसके तहत महिलाओं को प्रवेश से पहले मंगलसूत्र, अंगूठी, कान की बाली सहित अन्य धातु के आभूषण भी उतारने पड़े।
सुबह से ही सभी परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। प्रवेश प्रक्रिया के दौरान सबसे पहले अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र और पहचान पत्र का मिलान किया गया। इसके बाद मेटल डिटेक्टर से स्कैनिंग, बायोमेट्रिक सत्यापन और रेटिना स्कैनिंग की प्रक्रिया पूरी की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस या अन्य प्रतिबंधित सामग्री परीक्षा केंद्र के भीतर ले जाने की अनुमति नहीं है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमें लगातार निगरानी करती रहीं।
दो शिफ्ट में होगा एग्जाम
टीजीटी भर्ती परीक्षा दो शिफ्ट में संपन्न कराई जा रही है। फर्स्ट शिफ्ट सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक और सेकेंड शिफ्ट दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक निर्धारित की गई है। आयोग के निर्देशानुसार परीक्षा शुरू होने से 45 मिनट पहले प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए। पहली पाली के लिए सुबह 8:45 बजे तथा दूसरी पाली के लिए दोपहर 1:45 बजे के बाद किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया। कई केंद्रों पर ऐसे अभ्यर्थी भी पहुंचे जो निर्धारित समय से कुछ मिनट देरी से आए। नियमों के अनुसार उन्हें प्रवेश नहीं मिल सका।
प्रदेशभर में 614 केंद्रों पर परीक्षा
प्रदेश स्तर पर यह भर्ती परीक्षा 36 जिलों के 614 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जा रही है। आयोग के अनुसार 3539 शिक्षक पदों के लिए कुल आठ लाख 68 हजार 531 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। प्रतियोगिता के लिहाज से यह हाल के वर्षों की सबसे बड़ी शिक्षक भर्ती परीक्षाओं में शामिल है। परीक्षा तीन और चार जून को दो दिनों तक आयोजित होगी। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के शामिल होने के कारण प्रशासन ने यातायात व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन और परीक्षा केंद्रों पर सुविधाओं को लेकर विशेष तैयारी की है।
ओएमआर शीट को लेकर विशेष निर्देश
आयोग ने परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए प्रवेश पत्र, तीन पासपोर्ट साइज फोटो, किसी एक वैध पहचान पत्र की मूल प्रति और उसकी फोटोकॉपी अनिवार्य की है। अधिकारियों ने बताया कि आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने में कठिनाई हो सकती है। वहीं परीक्षा समाप्त होने के बाद ओएमआर शीट की प्रति अलग करने की जिम्मेदारी कक्ष निरीक्षकों को सौंपी गई है। अभ्यर्थियों को स्वयं उत्तर पत्रक की कार्बन कॉपी अलग नहीं करनी होगी।
निगेटिव मार्किंग नहीं
टीजीटी परीक्षा में शामिल हो रहे अभ्यर्थियों के लिए राहत की बात यह है। इस बार निगेटिव मार्किंग की व्यवस्था नहीं रखी गई है। यानी किसी प्रश्न का गलत उत्तर देने पर अंक नहीं काटे जाएंगे। इससे अभ्यर्थी सभी प्रश्नों का उत्तर देने का प्रयास कर सकेंगे। प्रशासन का कहना है कि परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न कराने के लिए सभी केंद्रों पर पर्याप्त सुरक्षा बल, उड़नदस्ते और निगरानी टीमें तैनात की गई हैं। अधिकारियों ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे परीक्षा संबंधी नियमों का पालन करें। समय से पहले केंद्र पर पहुंचकर प्रक्रिया में सहयोग करें।
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