गोरखपुर में ट्रैफिक कांस्टेबल पर कार्रवाई: वसूली के आरोप में सस्पेंड, वायरल वीडियो से खुली पोल

गोरखपुर|06 मई 2026
वसूली के आरोप में सस्पेंड, वायरल वीडियो से खुली पोल

शहर में ट्रैफिक पुलिस की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। एक वायरल वीडियो ने पूरे सिस्टम को कटघरे में ला खड़ा किया। इस वीडियो में एक ट्रैफिक हेड कांस्टेबल डीसीएम ड्राइवर से वसूली करते और बदसलूकी करते नजर आया। मामला सामने आते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से फैलने लगा। लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।

यह घटना 28 अप्रैल की बताई जा रही है। नौसड़ चौराहे पर हुई इस पूरी घटना को किसी ने चुपके से रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो में साफ दिखा कि पुलिसकर्मी और ड्राइवर के बीच तीखी बहस हो रही है। ड्राइवर बार-बार हाथ जोड़कर जाने की गुहार लगा रहा है। लेकिन उसे राहत नहीं मिल रही।

एसएसपी ने लिया सख्त एक्शन

मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने तुरंत संज्ञान लिया। शुरुआती जांच कराई गई। आरोप पहली नजर में सही पाए गए। इसके बाद आरोपी ट्रैफिक हेड कांस्टेबल अखिलेश यादव को निलंबित कर दिया गया। साथ ही विभागीय जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी। सभी तथ्यों और साक्ष्यों को ध्यान में रखा जाएगा। दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

क्या है पूरा मामला

जानकारी के अनुसार, डीसीएम ड्राइवर धर्मेंद्र पाल रायपुर से पपीता लादकर गोरखपुर मंडी आ रहा था। सुबह करीब सात बजे वह नौसड़ चौराहे पर पहुंचा। तभी ट्रैफिक हेड कांस्टेबल ने उसे रोक लिया। ड्राइवर का आरोप है कि पुलिसकर्मी ने पहले नो एंट्री का हवाला देते हुए 20 हजार रुपए के चालान की बात कही। इसके बाद मामला सेट करने के लिए तीन हजार रुपए देने का ऑफर दिया गया। ड्राइवर ने पैसे देने से इनकार किया। इसके बाद उसके साथ बदसलूकी की गई। ड्राइवर का कहना है कि वाहन में लदा पपीता समय पर मंडी नहीं पहुंचता तो खराब हो सकता था। इसके बावजूद उसे काफी देर तक रोके रखा गया। इस दौरान उसे मानसिक रूप से परेशान किया गया।

वीडियो में दिखी पूरी सच्चाई

वायरल वीडियो में पूरा घटनाक्रम साफ नजर आता है। पुलिसकर्मी एक चाय की दुकान पर बैठा हुआ दिखाई देता है। वह आराम से तंबाकू रगड़ते हुए चालान काट रहा है। दूसरी तरफ ड्राइवर लगातार अपनी मजबूरी बता रहा है। आसपास खड़े लोग भी इस घटना को देख रहे थे। किसी ने इसका वीडियो बना लिया। यही वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी बढ़ गई।

जनता में गुस्सा

इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि ट्रैफिक नियम लागू करना जरूरी है। लेकिन इसके नाम पर वसूली और दबाव बनाना गलत है। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने सख्त कार्रवाई की मांग की। कुछ लोगों ने इसे सिस्टम की बड़ी समस्या बताया। वहीं कुछ ने पुलिस सुधार की जरूरत पर जोर दिया।

नव्य जागरण

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