नम आंखों से दी गई कराटे चैंपियन को श्रद्धांजलि: मोमबत्तियां जलाकर बच्चों ने किया याद, नेशनल और स्टेट लेवल पर जीता था गोल्ड

गोरखपुर|1 घंटा पहले
मोमबत्तियां जलाकर बच्चों ने किया याद, नेशनल और स्टेट लेवल पर जीता था गोल्ड

गुरुवार शाम कराटे खिलाड़ी प्रांजल यादव की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान क्षेत्र के बच्चों, युवाओं, अभिभावकों और गणमान्य लोगों ने नम आंखों से दिवंगत खिलाड़ी को श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि सभा में प्रांजल के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। मोमबत्तियां जलाकर उसकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर उसे श्रद्धासुमन अर्पित किए। माहौल पूरी तरह गमगीन रहा। हर किसी की जुबान पर प्रांजल की प्रतिभा, अनुशासन और उपलब्धियों की चर्चा सुनाई देती रही।

श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि प्रांजल यादव कम उम्र में ही खेल जगत में अपनी अलग पहचान बना चुका था। उसने नेशनल और स्टेट लेवल प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीतकर अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया था। लोगों ने कहा कि उसकी असमय मौत केवल एक परिवार की नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र और खेल जगत की क्षति है। सभा में मेंटर मेजर रवि प्रताप यादव, कोच पन्ने लाल यादव, वार्ड नंबर-15 के पार्षद रमेश यादव, व्यास यादव, चेयरमैन अमरनाथ, समाजसेवी सौरभ सिंह समेत बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, अभिभावक और खिलाड़ी मौजूद रहे।

स्कूटी चार्जिंग के दौरान हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, मूल रूप से गगहा थाना क्षेत्र के जगदीशपुर भलुवान गांव निवासी प्रमोद यादव का परिवार यशोदरा कुंज स्थित अपने आवास में रहता है। बुधवार सुबह घर के ग्राउंड फ्लोर पर इलेक्ट्रिक स्कूटी चार्जिंग पर लगी हुई थी। इसी दौरान किसी तरह 14 वर्षीय प्रांजल यादव का संपर्क चार्जिंग तार से हो गया। करंट का झटका इतना तेज था कि वह मौके पर ही गंभीर रूप से झुलस गया। घटना के समय उसकी मां पहली मंजिल पर थीं। उन्हें इस हादसे की भनक तक नहीं लगी। पड़ोसियों ने जब खिड़की और दरवाजे से अंदर का दृश्य देखा तो शोर मचाया। सूचना मिलते ही मां घबराई हुई नीचे पहुंचीं। तब तक प्रांजल अचेत अवस्था में पड़ा था।

अस्पताल पहुंचने से पहले ही बुझ गई जिंदगी

घटना की जानकारी मिलते ही पिता प्रमोद यादव भी तत्काल घर पहुंचे। परिजन आनन-फानन में प्रांजल को लेकर एक निजी अस्पताल पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों की यह बात सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पूरे परिवार में कोहराम मच गया। बुधवार शाम गमगीन माहौल में प्रांजल का अंतिम संस्कार किया गया। जहां बड़ी संख्या में परिजन, रिश्तेदार, मित्र और स्थानीय लोग उसे अंतिम विदाई देने पहुंचे थे।

खेल जगत का उभरता सितारा था प्रांजल

प्रांजल यादव पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी बेहद प्रतिभाशाली था। उसने वर्ष 2025 में नेशनल स्तर पर गोल्ड मेडल तथा वर्ष 2026 में स्टेट लेवल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। उसके कोच पन्ने लाल यादव, जो ब्लैक बेल्ट फिफ्थ डैन एवं अंतरराष्ट्रीय कराटे चैंपियन हैं। उन्होंने ने बताया कि प्रांजल बेहद अनुशासित और मेहनती खिलाड़ी था। भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धियां हासिल करने की क्षमता रखता था। उसकी असमय मौत से परिवार के साथ-साथ खेल जगत में भी शोक की लहर है।

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