बहराइच में तेंदुए ने दो घंटे तक मचाया आतंक: वन दरोगा समेत पांच लोगों पर किया हमला, दहशत में छतों पर चढ़े ग्रामीण

उत्तरप्रदेश|1 घंटा पहले
वन दरोगा समेत पांच लोगों पर किया हमला, दहशत में छतों पर चढ़े ग्रामीण

मोतीपुर थाना क्षेत्र स्थित मौजीपुरवा गांव में रविवार सुबह दहशत फैल गई। एक तेंदुआ अचानक आबादी के बीच पहुंच गया। करीब दो घंटे तक तेंदुआ गांव की गलियों, खेतों और घरों के आसपास घूमता रहा। इस दौरान उसने वन विभाग के एक दरोगा समेत पांच लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। तेंदुए के गांव में घुसने की खबर फैलते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोग जान बचाने के लिए घरों में बंद हो गए। कई ग्रामीण छतों पर चढ़कर खुद को सुरक्षित करने लगे। बाद में वन विभाग की टीम ने लंबी मशक्कत के बाद तेंदुए को ट्रैंकुलाइज कर पकड़ लिया।

घटना रविवार सुबह करीब 10 बजे की बताई जा रही है। ग्रामीणों ने सबसे पहले तेंदुए को गांव की गलियों में घूमते हुए देखा। कुछ ही देर में पूरे गांव में यह खबर फैल गई कि तेंदुआ आबादी के बीच आ गया है। इसके बाद लोग घबराकर इधर-उधर भागने लगे। महिलाएं और बच्चे घरों में छिप गए। कई लोग छतों पर चढ़ गए। जानकारी के अनुसार, तेंदुआ कभी खेतों की ओर भागता तो कभी घरों के पास पहुंच जाता। इसी दौरान उसने गांव के फजलुर रहमान, जुबेर, नसीम समेत चार लोगों पर हमला कर दिया। तेंदुए के पंजों से घायल लोगों के हाथ और पैर में गंभीर चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों ने किसी तरह घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और वन विभाग व पुलिस को सूचना दी।

तेंदुए के डर से छत पर चढ़े ग्रामीण।
तेंदुए के डर से छत पर चढ़े ग्रामीण।

रेस्क्यू के दौरान वन दरोगा पर भी हमला

करीब 11 बजे वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पूरे इलाके की घेराबंदी कर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। वनकर्मियों ने ग्रामीणों को घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी। हालांकि, तेंदुआ लगातार इधर-उधर भागता रहा और काफी आक्रामक दिखाई दिया। रेस्क्यू अभियान के दौरान तेंदुए ने वन विभाग के दरोगा जितेंद्र कुमार पर भी हमला कर दिया। तेंदुए के पंजों से वह घायल हो गए। इसके बाद टीम ने अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए ट्रैंकुलाइजर गन की मदद से तेंदुए को काबू करने की कोशिश शुरू की।

डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद पकड़ा गया

करीब डेढ़ घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद वन विभाग की टीम ने दोपहर लगभग साढ़े 12 बजे तेंदुए को बेहोश करने में सफलता हासिल की। इसके बाद उस पर जाल डालकर सुरक्षित तरीके से पिंजरे में बंद किया गया। पकड़े गए तेंदुए को ट्रैक्टर के जरिए वहां से हटाकर जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया गया। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, तेंदुए की उम्र करीब डेढ़ साल बताई जा रही है। प्रारंभिक अनुमान है कि वह रास्ता भटककर जंगल से गांव की ओर पहुंच गया था। अधिकारियों ने बताया कि जब टीम मौके पर पहुंची, तब तेंदुआ डरा-सहमा था, लेकिन भीड़ और शोर-शराबे के कारण वह आक्रामक हो गया।

घायलों का अस्पताल में इलाज जारी

हमले में घायल सभी लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार सभी की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि जंगल से सटे इलाकों में सतर्क रहें और किसी भी वन्यजीव के दिखने पर तुरंत विभाग को सूचना दें।

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