संतकबीरनगर में गोवध मामले में दरोगा और सिपाही निलंबित: छप्पर से मांस-हड्डी मिलने पर होगी जांच, एसपी ने जांच शुरू करने के दिए निर्देश

धनघटा थाना क्षेत्र में गोवध की सूचना के बाद पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए एक उपनिरीक्षक और एक आरक्षी को निलंबित कर दिया। एसपी संदीप कुमार मीना ने काम में लापरवाही बरतने के आरोप में उपनिरीक्षक वीर बहादुर यादव और आरक्षी प्रवीण कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया। दोनों को निलंबन अवधि में पुलिस लाइन से संबद्ध कर दिया गया है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कराने के निर्देश दिए गए हैं। एसपी ने स्पष्ट किया कि अपराध की रोकथाम, कानून-व्यवस्था और पुलिस की जिम्मेदारियों में किसी भी स्तर की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
मामला धनघटा थाना क्षेत्र के खटकरा (मैली) गांव का है। गुरुवार को गांव के बाहर एक छप्पर से हड्डी और मांस के टुकड़े मिलने की सूचना से पुलिस महकमे में हलचल मच गई। जानकारी मिलने पर एडिशनल एसपी, एसडीएम और सीओ धनघटा मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस ने मामले में एक आरोपी को हिरासत में लिया है, जबकि दो अन्य के फरार होने की बात सामने आई है।
रात में गायब हुआ था बछड़ा
खटकरा (मैली) निवासी अजय चौहान ने गांव के बाहर पशु रखने के लिए छप्पर बना रखा है। पशुओं की देखभाल के लिए रात में अजय की दादी और बहन वहीं रहती हैं। बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात छप्पर से एक बछड़ा अचानक गायब हो गया। सुबह जानकारी मिलने पर परिजनों ने आसपास काफी तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चला।
मोबाइल चार्ज करने गई बहन ने देखा मांस
गुरुवार सुबह अजय की बहन पास में जहूर पुत्र गेना के घर मोबाइल चार्ज करने गई थी। वहां उसे घर के अंदर हड्डी और मांस के टुकड़े दिखाई दिए। इसके बाद उसने परिजनों को इसकी जानकारी दी। कुछ ही देर में मामला गांव और आसपास के क्षेत्र में फैल गया। हालांकि बरामद हड्डी और मांस के टुकड़े किस पशु के हैं, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने सामग्री को परीक्षण के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।











