शुभेंदु सरकार को मिला पूर्ण आकार: पश्चिम बंगाल में मंत्रिमंडल विस्तार, 35 नए मंत्रियों ने ली शपथ

पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के बाद सोमवार को पहला मंत्रिमंडल विस्तार किया गया। राजधानी स्थित लोकभवन में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल ने 35 नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की मौजूदगी में हुए इस समारोह के साथ राज्य की भाजपा सरकार को लगभग पूर्ण स्वरूप मिल गया। मंत्रिमंडल विस्तार में 13 नेताओं को कैबिनेट मंत्री, तीन को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 19 विधायकों को राज्य मंत्री बनाया गया है। इसके साथ ही राज्य मंत्रिपरिषद में मंत्रियों की कुल संख्या बढ़कर 41 हो गई है।
राजनीतिक दृष्टि से इस विस्तार को भाजपा सरकार के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने और विभिन्न क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। मंत्रिमंडल में अर्जुन सिंह और तपन घोष समेत कई सीनियर लीडर्स को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सरकार का दावा है कि इससे प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी। विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को नई गति मिलेगी।
संवैधानिक सीमा के करीब पहुंची मंत्रिपरिषद
संविधान के 91वें संशोधन के अनुसार किसी भी राज्य में मंत्रिपरिषद का आकार विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकता। पश्चिम बंगाल विधानसभा में 294 सदस्य हैं। जिसके आधार पर राज्य में अधिकतम 44 मंत्री बनाए जा सकते हैं। सोमवार को हुए विस्तार के बाद मंत्रियों की संख्या 41 तक पहुंच गई है। अभी भी तीन पद रिक्त हैं। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार फिलहाल इन पदों को खाली रखा जा सकता है। भविष्य में संगठनात्मक और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए इन पर निर्णय लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री के पास गृह और वित्त समेत प्रमुख विभाग
मंत्रिमंडल विस्तार से पहले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपने सहयोगियों के बीच विभागों का बंटवारा किया था। सरकार में सीनियर लीडर निशीथ प्रमाणिक को उत्तर बंगाल विकास, खेल एवं युवा कल्याण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं दिलीप घोष को ग्रामीण विकास, कृषि विपणन और पशु संसाधन विकास विभाग सौंपा गया है। अग्निमित्रा पॉल को महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण और नगर निकाय विभाग की जिम्मेदारी मिली है। अशोक कीर्तनिया को खाद्य एवं रसद तथा सहकारिता विभाग दिया गया है। क्षुदीराम टुडू को जनजातीय विकास, पिछड़ा वर्ग कल्याण, अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग का प्रभार सौंपा गया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने गृह, वित्त और अन्य प्रमुख विभाग अपने पास रखे हैं।
ऐतिहासिक जीत के बाद भाजपा की सरकार
गौरतलब है कि हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में भाजपा ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में इतिहास रचते हुए स्पष्ट बहुमत हासिल किया था। 294 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा ने 208 सीटों पर जीत दर्ज की। पहली बार राज्य की सत्ता पर कब्जा किया। वहीं लंबे समय तक सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों तक सिमट गई। चुनावी जीत के बाद 9 मई को शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। अब मंत्रिमंडल विस्तार के साथ उनकी सरकार ने प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत कर दिया है।
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