TMC विधायक मदन मित्रा की कार पर हमला: अंडे फेंककर जताया विरोध, कटमनी वापस करने की मांग को लेकर प्रदर्शन

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया। उत्तर 24 परगना जिले के कमरहाटी क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस के सीनियर विधायक मदन मित्रा की कार पर प्रदर्शनकारियों ने हमला कर दिया। घटना अरियादाहा इलाके की बताई जा रही है। जहां स्थानीय लोगों ने कथित तौर पर ‘कटमनी’ के रूप में वसूले गए पैसे वापस करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए और विधायक की कार पर अंडे फेंके। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसके बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार कमरहाटी के वार्ड संख्या 14 में एक पार्षद के आवास के बाहर ऑटो-रिक्शा और ई-रिक्शा चालकों की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में बड़ी संख्या में वाहन चालक और स्थानीय लोग मौजूद थे। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि विभिन्न योजनाओं और स्थानीय गतिविधियों के नाम पर वर्षों से उनसे ‘कटमनी’ के रूप में धनराशि ली जाती रही है। उन्होंने संबंधित लोगों से वह पैसा वापस करने की मांग की। बैठक के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया और विरोध प्रदर्शन तेज होने लगा। बताया जाता है कि इसी दौरान मदन मित्रा वहां पहुंचे थे। प्रदर्शनकारियों ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। देखते ही देखते उनकी कार को निशाना बनाया गया। कार पर अंडे फेंके गए। कुछ लोगों ने वाहन को घेरकर विरोध दर्ज कराया।
विधायक बोले- मैं कार में मौजूद नहीं था
घटना के बाद मदन मित्रा ने दावा किया कि हमले के समय वह कार में मौजूद नहीं थे। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने उनके ड्राइवर को निशाना बनाया और वाहन पर हमला किया। विधायक ने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी की है। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि वायरल वीडियो और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भाजपा ने साधा निशाना
घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। भाजपा सांसद राजू बिस्ता ने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता लंबे समय से भ्रष्टाचार और कथित कटमनी संस्कृति से परेशान है। उन्होंने कहा कि लोगों में बढ़ता असंतोष अब सार्वजनिक रूप से सामने आने लगा है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसा लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। शिकायतों का समाधान कानूनी प्रक्रिया के तहत होना चाहिए।
TMC के लिए बढ़ती राजनीतिक चुनौतियां
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हाल के दिनों में तृणमूल कांग्रेस को संगठनात्मक स्तर पर कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। चुनावी नतीजों के बाद पार्टी के भीतर असंतोष और गुटबाजी की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। विभिन्न स्तरों पर नेताओं और जनप्रतिनिधियों के इस्तीफों तथा बगावती तेवरों ने पार्टी नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है। कमरहाटी की यह घटना केवल एक स्थानीय विरोध प्रदर्शन नहीं है। राज्य की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों और जनता के बढ़ते असंतोष का संकेत मानी जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले की जांच और इसके राजनीतिक प्रभाव पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।
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