200 बैंक खातों से 10 करोड़ की ठगी: तीन युवक गिरफ्तार, अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस, देश के कई राज्यों में फैला है नेटवर्क

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में पुलिस ने बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। महज 19-20 साल के इन आरोपियों ने डेढ़ साल में 200 से अधिक बैंक खातों के जरिए करीब 10 करोड़ रुपये का लेनदेन किया। पुलिस के अनुसार, इनका नेटवर्क देश के कई राज्यों में फैला हुआ था और ये संगठित तरीके से लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी भोले-भाले लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और आसान ऋण उपलब्ध कराने का झांसा देते थे। इसके बाद उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते और उन खातों में अपने मोबाइल नंबर रजिस्टर करवा लेते थे।
खाता खुलवाने के बाद आरोपी पासबुक, एटीएम कार्ड और पिन अपने पास रख लेते थे, जिससे खातों पर पूरा नियंत्रण उनके हाथ में रहता था। इन खातों का इस्तेमाल देशभर में साइबर ठगी से जुड़े लेनदेन के लिए किया जाता था।
डेढ़ साल में 200 खातों से 10 करोड़ का लेनदेन
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पिछले करीब डेढ़ साल में 200 से अधिक बैंक खातों का इस्तेमाल कर लगभग 10 करोड़ रुपये का लेनदेन किया। इन खातों के खिलाफ नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर 500 से ज्यादा शिकायतें दर्ज हैं। हालांकि, इतनी बड़ी रकम के बावजूद मुख्य आरोपियों के हिस्से में केवल 70 से 80 हजार रुपये ही आए, क्योंकि अधिकांश पैसा नेटवर्क में जुड़े अन्य लोगों के बीच बांट दिया जाता था।
गोपीगंज बस स्टैंड से हुई गिरफ्तारी
पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने बताया कि तीनों आरोपियों को गोपीगंज बस स्टैंड के पास से गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए आरोपियों में भदोही के ज्ञानपुर थाना क्षेत्र के अंशुल मिश्र, बहराइच के मोहम्मद सोएब और लखनऊ के कपिल रावत शामिल हैं।
शिकायत के बाद खुला पूरे नेटवर्क का राज
मामले का खुलासा तब हुआ, जब ज्ञानपुर क्षेत्र के एक व्यक्ति अमन बिंद ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उसने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उसकी बहन का खाता खुलवाकर उससे पासबुक, एटीएम कार्ड और मोबाइल नंबर ले लिया और वापस मांगने पर धमकी देने लगे। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान साइबर ठगी के इस बड़े नेटवर्क की परत-दर-परत सच्चाई सामने आती गई।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि इस गिरोह में और भी लोग शामिल हो सकते हैं, जिनकी तलाश जारी है। अधिकारियों के मुताबिक, जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा कर अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा। इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है और पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपना बैंक खाता या उससे जुड़ी जानकारी साझा न करें।
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