ईंधन महंगा पड़ा एयर इंडिया पर भारी: रोजाना 100 उड़ानें रद्द, इंटरनेशनल रूट्स पर सबसे ज्यादा असर

एयर इंडिया ने बड़ा फैसला लिया है। बढ़ती ईंधन कीमतों के दबाव में अब हर दिन करीब 100 उड़ानें रद्द की जाएंगी। शुक्रवार को इस फैसले का ऐलान किया गया। इसकी मुख्य वजह एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमतों में भारी उछाल है। हाल के हफ्तों में जेट फ्यूल की कीमतें करीब 80% तक बढ़ गई हैं। इससे एयरलाइन की ऑपरेशनल कॉस्ट तेजी से बढ़ी है। कई रूट अब घाटे का सौदा बन गए हैं। ऐसे में कंपनी ने लागत कम करने के लिए यह कदम उठाया है।
एयर इंडिया फिलहाल रोजाना करीब 1,100 उड़ानें संचालित करती है। ऐसे में 100 उड़ानों की कटौती का मतलब है कि कुल ऑपरेशन में लगभग 10% की कमी आएगी। यह हाल के वर्षों में एयरलाइन की सबसे बड़ी क्षमता कटौती मानी जा रही है। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। टिकट की उपलब्धता कम हो सकती है। कुछ रूट्स पर किराए भी बढ़ सकते हैं। एयरलाइन अब अपने नेटवर्क को ज्यादा कुशल और लाभकारी बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।
लंबी दूरी वाले इंटरनेशनल रूट्स पर ज्यादा असर
इस फैसले का सबसे ज्यादा असर लंबी दूरी वाले इंटरनेशनल रूट्स पर पड़ेगा। खासतौर पर यूरोप, उत्तरी अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर के रूट्स प्रभावित होंगे। इन रूट्स पर ईंधन की खपत सबसे ज्यादा होती है। ऐसे में लागत भी अधिक आती है। दिल्ली और मुंबई से लंदन, पेरिस, न्यूयॉर्क, टोरंटो, सैन फ्रांसिस्को, सिडनी और मेलबर्न जैसे बड़े शहरों के लिए उड़ानों की संख्या घटाई जा सकती है। सिंगापुर जैसे हाई-डिमांड मार्केट में भी कटौती संभव है। यह साफ संकेत है कि एयरलाइन अब विस्तार से ज्यादा मुनाफे पर फोकस कर रही है।
घरेलू उड़ानों पर भी दिखेगा असर
हालांकि इंटरनेशनल रूट्स पर ज्यादा असर होगा, लेकिन घरेलू उड़ानें भी इससे अछूती नहीं रहेंगी। कुछ घरेलू रूट्स पर भी फ्लाइट्स की संख्या कम की जा सकती है। खासतौर पर उन रूट्स पर जहां यात्री संख्या कम है या लागत ज्यादा है। इससे छोटे शहरों के यात्रियों को विकल्प कम मिल सकते हैं। एयरलाइन का कहना है कि यह कदम अस्थायी हो सकता है। जैसे ही ईंधन की कीमतें स्थिर होंगी, स्थिति में सुधार किया जाएगा।
ईंधन संकट से पूरी एविएशन इंडस्ट्री प्रभावित
यह सिर्फ एक एयरलाइन की समस्या नहीं है। पूरी एविएशन इंडस्ट्री इस समय दबाव में है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में उछाल के कारण जेट फ्यूल महंगा हो गया है। इसका सीधा असर एयरलाइंस की लागत पर पड़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो अन्य एयरलाइंस भी इसी तरह के कदम उठा सकती हैं। इससे एयर ट्रैवल महंगा हो सकता है। यात्रियों को पहले से ज्यादा प्लानिंग करनी पड़ेगी।
यात्रियों के लिए क्या बदलेगा
इस फैसले का सीधा असर यात्रियों पर पड़ेगा। फ्लाइट्स कम होंगी। सीटें सीमित होंगी। किराए बढ़ सकते हैं। यात्रा की योजना बनाते समय ज्यादा विकल्प नहीं मिलेंगे। खासतौर पर इंटरनेशनल ट्रैवल करने वालों को परेशानी हो सकती है। हालांकि, एयर इंडिया ने कहा है कि वह यात्रियों को कम से कम असुविधा देने की कोशिश करेगी। जिन उड़ानों को रद्द किया जाएगा, उनके यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था या रिफंड दिया जाएगा।
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