एक मई से बड़े बदलाव : कॉमर्शियल गैस सिलेंडर 994 रुपये महंगा, गेमिंग नियम लागू, ईंधन और तेल बाजार में भी असर

एक मई से आम लोगों और कारोबारियों की जेब पर असर डालने वाले कई बड़े बदलाव लागू हो गए हैं। सबसे बड़ा झटका कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में बढ़ोतरी के रूप में आया है। तेल कंपनियों ने कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 994 रुपये तक का इजाफा कर दिया है। राजधानी दिल्ली में अब यह सिलेंडर 3071.50 रुपये में मिल रहा है, जो पहले 2078.50 रुपये था। यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग बिजनेस पर असर डालेगी। माना जा रहा है कि चाय, नाश्ता और खाने की थाली अब महंगी हो सकती है। शादी-ब्याह के खर्च में भी इजाफा देखने को मिलेगा।
केवल बड़े सिलेंडर ही नहीं, बल्कि पांच किलो वाला फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडर भी महंगा हुआ है। इसकी कीमत 261 बढ़ाकर 813.50 रुपये कर दी गई है। पहले यह 552.50 रुपये में मिलता था। इस सिलेंडर को आम भाषा में “छोटू सिलेंडर” कहा जाता है। इसे बिना एड्रेस प्रूफ के खरीदा जा सकता है। इसका इस्तेमाल अक्सर प्रवासी मजदूर, छात्र और छोटे दुकानदार करते हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वह अभी भी 339 रुपये पर स्थिर है।
ऑनलाइन गेमिंग पर नए नियम लागू
एक मई से देश में “ऑनलाइन गेमिंग रूल्स 2026” भी लागू हो गए हैं। इसके तहत एक नई संस्था “ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया” बनाई जाएगी। यह संस्था ऑनलाइन गेम्स को रेगुलेट करेगी। गेम्स को तीन कैटेगरी में बांटा गया है। मनी गेम्स, सोशल गेम्स और ई-स्पोर्ट्स। मनी गेम्स पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। बाकी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स को रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। इन नियमों के तहत यूजर्स की सुरक्षा पर खास ध्यान दिया गया है। उम्र सीमा तय होगी। पेरेंटल कंट्रोल लागू होंगे। टाइम लिमिट जैसे फीचर्स भी जोड़े जाएंगे। गेमिंग के दौरान होने वाले पैसों के लेनदेन की निगरानी भी होगी। इससे गेमिंग की लत और ऑनलाइन फ्रॉड के मामलों में कमी आने की उम्मीद है।
डीजल और हवाई ईंधन पर टैक्स में राहत
सरकार ने एक मई से डीजल और हवाई ईंधन के निर्यात पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में कटौती की है। डीजल पर यह टैक्स 55.5 से घटाकर 23 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। वहीं एटीएफ पर टैक्स 42 से घटाकर 33 रुपये प्रति लीटर किया गया है। इससे रिफाइनिंग कंपनियों को फायदा मिलेगा। विदेशी बाजार में ईंधन बेचना सस्ता पड़ेगा। सरकार ने यह भी साफ किया है कि घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं होगा। आम उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल कीमतें स्थिर रहेंगी। इसके अलावा एटीएफ में सिंथेटिक फ्यूल की ब्लेंडिंग को मंजूरी दी गई है। इससे एविएशन सेक्टर में नए विकल्प खुलेंगे और पर्यावरण को भी फायदा होगा।
यूएई का बड़ा फैसला
एक और बड़ा बदलाव वैश्विक स्तर पर हुआ है। संयुक्त अरब अमीरात ने एक मई से ओपेक और ओपेक प्लस से अलग होने का फैसला किया है। यह संगठन दुनिया की करीब 40 से 50 प्रतिशत तेल सप्लाई को कंट्रोल करता है। अब यूएई इन पाबंदियों से बाहर हो गया है। इस फैसले के बाद यूएई अपने तेल उत्पादन को बढ़ा सकेगा। इससे ग्लोबल मार्केट में सप्लाई बढ़ने की संभावना है। अगर सप्लाई बढ़ती है, तो कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आ सकती है। भारत जैसे देशों को इससे राहत मिल सकती है। साथ ही तेल के नए स्रोत भी खुल सकते हैं।
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