तमिलनाडु में पटाखा फैक्ट्री में भीषण धमाका: 23 की मौत; कई लोग मलबे में दबे, रेस्क्यू के दौरान दोबारा हुआ धमाका

तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले में रविवार को पटाखा फैक्ट्री में भीषण धमाका हुआ। इस हादसे में कम से कम 23 मजदूरों की मौत हो गई। कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है। धमाका इतना तेज था कि आसपास के गांवों तक आवाज सुनी गई।
यह हादसा वाचकारपत्ती थाना क्षेत्र के कट्टनरपत्ती गांव में हुआ। यहां ‘वनजा’ नाम की पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हुआ। फैक्ट्री का मालिक मुथुमानिकम बताया जा रहा है। घटना के समय करीब 30 मजदूर अंदर काम कर रहे थे। सभी रोजमर्रा के प्रोडक्शन में लगे थे। अचानक तेज धमाका हुआ। कर्मचारियों को संभलने का मौका नहीं मिला। विस्फोट के बाद आग तेजी से फैल गई। इमारत का हिस्सा ढह गया।
मलबे में बदले तीन कमरे
धमाके का असर बहुत भयानक था। फैक्ट्री के कम से कम तीन कमरे पूरी तरह तबाह हो गए। पूरा एरिया मलबे में बदल गया। आसपास की इमारतों को भी नुकसान पहुंचा। खिड़कियां और दीवारें टूट गईं। कई मजदूर मलबे में दब गए। उन्हें निकालने में काफी समय लगा। राहत टीमों को मुश्किल हालात का सामना करना पड़ा।
23 बॉडी बरामद, कई बुरी तरह जले
पुलिस और रेस्क्यू टीम ने मौके से 23 बॉडी बरामद की। इनमें कई बॉडी बुरी तरह जली हुई थी। पहचान करना मुश्किल हो गया था। अब तक 19 बॉडी की पहचान हो चुकी है। मृतकों में 16 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल हैं। बाकी की पहचान की प्रक्रिया जारी है। यह हादसा इलाके के लिए बड़ा झटका है।
घायल मजदूरों की हालत गंभीर
इस हादसे में छह लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उन्हें विरुधुनगर सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चार की हालत नाजुक बनी हुई है। कई लोग 60 प्रतिशत तक झुलस गए हैं। डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। अस्पताल में इमरजेंसी अलर्ट जारी किया गया है।

रेस्क्यू के दौरान फिर हुआ धमाका
बचाव कार्य के दौरान एक और धमाका हुआ। इससे हालात और खराब हो गए। करीब 13 लोग घायल हो गए। इनमें पुलिसकर्मी और दमकलकर्मी भी शामिल हैं। राजस्व अधिकारी और वॉलंटियर्स भी जख्मी हुए। सभी को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। इस वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन में बाधा आई।
कई घंटे चला राहत और बचाव कार्य
अग्निशमन विभाग ने कई घंटों तक आग बुझाने की कोशिश की। फैक्ट्री में रखे पटाखे लगातार फटते रहे। इससे आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया। टीमों ने सावधानी के साथ काम किया। मलबे को हटाकर लोगों को बाहर निकाला गया। प्रशासन ने इलाके को सील कर दिया है।
लाइसेंस की भी होगी पड़ताल
प्रशासन ने मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। हादसे की जांच शुरू हो गई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार फैक्ट्री को लाइसेंस मिला हुआ था। यह लाइसेंस पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन से जारी हुआ था। अब सुरक्षा नियमों की जांच की जा रही है। एक सीनियर आईएएस अधिकारी को निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है।
सीएम स्टालिन ने जताया दुख
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन ने हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि इस हादसे में कई लोगों की मौत बेहद दुखद है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। सीएम ने मंत्रियों को तुरंत घटनास्थल पर जाने के निर्देश दिए। साथ ही जिला प्रशासन को हर संभव मदद पहुंचाने को कहा।
लगातार हो रहे हादसे, उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि छह दिन पहले भी इसी जिले में एक और धमाका हुआ था। 13 अप्रैल को सत्तूर के पास सथिरापट्टी इलाके में ब्लास्ट हुआ था। उस हादसे में 2 मजदूरों की मौत हो गई थी। एक मजदूर की मौके पर ही जान चली गई थी। दूसरे ने अस्पताल में दम तोड़ दिया था।
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