जालंधर- अमृतसर में धमाके : BSF हेडक्वार्टर के सामने IED ब्लास्ट, आर्मी कैंप पर ग्रेनेड अटैक से हाई अलर्ट

जालंधर और अमृतसर में मंगलवार रात हुए धमाकों ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। जालंधर में बीएसएफ हेडक्वार्टर के सामने आईईडी ब्लास्ट हुआ, जबकि अमृतसर में आर्मी कैंप पर ग्रेनेड से हमला किया गया। दोनों घटनाओं में किसी के घायल होने की खबर नहीं है, लेकिन सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। इस हमले की जिम्मेदारी खालिस्तान लिबरेशन आर्मी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ली है, हालांकि पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
जालंधर के पीएपी चौक के पास रात करीब 7:57 बजे जोरदार धमाका हुआ। प्रारंभिक जांच में आईईडी के इस्तेमाल की आशंका जताई गई है। सूत्रों के अनुसार एक संदिग्ध युवक पैदल रॉन्ग साइड से आया। उसने फुटपाथ पर खड़ी एक एक्टिवा के पास पॉलिथीन में लिपटा पैकेट रखा और तुरंत वहां से भाग गया। कुछ ही सेकेंड में धमाका हो गया। बताया जा रहा है कि यह एक्टिवा बीएसएफ के पूर्व जवान कश्मीर सिंह की थी। उनका बेटा गुरप्रीत सिंह उस समय हेडक्वार्टर के अंदर पार्सल देने गया हुआ था। पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। फोरेंसिक टीम को मौके से विस्फोटक के अवशेष मिले हैं। एजेंसियों को शक है कि हमलावर का एक साथी भी आसपास मौजूद था, जो उसे मौके से फरार कराने में मदद कर रहा था।
सीएम दौरे से पहले वारदात
यह घटना ऐसे समय हुई है जब भगवंत मान का जालंधर दौरा प्रस्तावित है। सुरक्षा एजेंसियां इस एंगल से भी जांच कर रही हैं कि कहीं यह हमला किसी बड़े संदेश या डर पैदा करने की कोशिश तो नहीं है। शहर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संवेदनशील इलाकों में चेकिंग तेज कर दी गई है।
अमृतसर में आर्मी कैंप पर ग्रेनेड अटैक
दूसरी घटना अमृतसर के खासा स्थित आर्मी कैंप के बाहर हुई। रात करीब 11 बजे बाइक सवार दो नकाबपोश हमलावरों ने कैंप की दीवार की ओर ग्रेनेड फेंका। दीवार से टकराते ही जोरदार धमाका हुआ। इससे टीन शेड ढह गया और दीवार को भी नुकसान पहुंचा। एसएसपी सोहेल मीर कासिम के अनुसार, हमलावर वारदात के बाद मौके से फरार हो गए। धमाके की आवाज सुनकर सेना और पुलिस के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी गई है।
केएलए की धमकी और टारगेट
खालिस्तान लिबरेशन आर्मी ने एक पोस्ट में इस हमले की जिम्मेदारी ली है। पोस्ट में बॉर्डर रेंज के डीआईजी संदीप गोयल को टारगेट बताया गया है। धमकी दी गई है कि “इतना खून बहाएंगे कि सब कुछ लाल हो जाएगा।” हालांकि पुलिस इस दावे की पुष्टि करने से बच रही है और हर पहलू से जांच कर रही है।
पुराने एनकाउंटर से जुड़ा मामला
बताया जा रहा है कि मार्च 2026 में डीआईजी संदीप गोयल ने गुरदासपुर में एक आरोपी का एनकाउंटर किया था। खालिस्तान समर्थकों ने उस एनकाउंटर को फर्जी बताया था। तभी से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं। अब इन धमाकों को उसी कड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है।
एनआईए और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय
मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी भी जांच में शामिल हो गई है। दोनों घटनास्थलों पर केंद्रीय और राज्य एजेंसियों की टीमें पहुंच चुकी हैं। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और संदिग्धों की पहचान की कोशिश जारी है।
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