2038 एशियाई खेलों की मेजबानी की रेस में भारत: ओसीए को भेजा आधिकारिक प्रस्ताव, बिड जमा करने का समय घोषित नहीं

भारत ने एक बार फिर वैश्विक खेल मंच पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। देश ने 2038 एशियाई खेलों की मेजबानी के लिए औपचारिक रूप से अपनी रुचि जाहिर कर दी है। यह कदम भारत की उस लंबी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत वह बड़े इंटरनेशनल मल्टी-स्पोर्ट इवेंट्स का प्रमुख हब बनना चाहता है। इस पहल के जरिए भारत न सिर्फ अपनी स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना चाहता है, बल्कि दुनिया के सामने अपनी आयोजन क्षमता भी दिखाना चाहता है।
भारतीय ओलंपिक संघ ने 2038 एशियाई खेलों की मेजबानी के लिए अपनी ‘एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट’ एशियाई ओलंपिक परिषद को सौंप दी है। यह एक प्रारंभिक लेकिन बेहद अहम प्रक्रिया होती है। इससे यह संकेत मिलता है कि संबंधित देश आयोजन के लिए गंभीर है। इस प्रस्ताव पर 21 अप्रैल को चीन के सान्या शहर में हुई ओसीए की कार्यकारी बोर्ड बैठक में चर्चा भी की गई। यह बैठक एशियाई खेलों के भविष्य से जुड़े अहम फैसलों के लिए जानी जाती है।
सान्या बैठक और बीच गेम्स का कनेक्शन
चीन के सान्या शहर में हुई यह बैठक कई मायनों में महत्वपूर्ण रही। इसी शहर में 22 अप्रैल से एशियाई बीच गेम्स की भी शुरुआत हुई थी। ऐसे में एशियाई खेलों से जुड़े तमाम शीर्ष अधिकारी यहां मौजूद थे। इसी दौरान भारत के प्रस्ताव को लेकर शुरुआती चर्चा की गई। हालांकि अभी यह प्रक्रिया शुरुआती स्टेज में है। आगे की दिशा और गाइडलाइंस ओसीए की ओर से तय की जाएंगी।
आईओए के सीईओ ने दी पुष्टि
भारतीय ओलंपिक संघ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रघुराम अय्यर ने इस पूरे घटनाक्रम की पुष्टि की है। उन्होंने साफ कहा कि भारत ने आधिकारिक रूप से अपनी इच्छा अभिव्यक्ति जमा कर दी है। साथ ही ओसीए ने इस पर अपनी बैठक में चर्चा भी कर ली है। अय्यर के मुताबिक, फिलहाल यह शुरुआती कदम है। आगे की प्रक्रिया और जरूरी औपचारिकताओं के बारे में ओसीए ही दिशा-निर्देश देगा। अभी तक बिड जमा करने की कोई तय समय-सीमा घोषित नहीं की गई है।
2030 कॉमनवेल्थ और 2036 ओलंपिक से जुड़ी रणनीति
भारत की यह पहल एक बड़े स्पोर्ट्स विजन का हिस्सा है। देश पहले ही 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी अहमदाबाद में करने की तैयारी कर रहा है। यही शहर 2036 ओलंपिक के लिए भी प्रस्तावित किया गया है। ऐसे में 2038 एशियाई खेलों की मेजबानी का प्रस्ताव इस पूरी रणनीति को और मजबूत बनाता है। अगर भारत इस बोली को जीतता है, तो अहमदाबाद एक बार फिर प्रमुख दावेदार बन सकता है।
अहमदाबाद बन सकता है मेन सेंटर
गुजरात का अहमदाबाद शहर तेजी से स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर के हब के रूप में उभर रहा है। यहां बड़े स्तर पर स्टेडियम, ट्रेनिंग सेंटर और अन्य सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। अगर भारत को 2038 एशियाई खेलों की मेजबानी मिलती है तो यह शहर आयोजन का केंद्र बन सकता है। इससे न सिर्फ स्थानीय विकास को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि देश की इंटरनेशनल छवि भी मजबूत होगी।
आगे की राह और संभावनाएं
फिलहाल भारत ने सिर्फ अपनी रुचि जाहिर की है। अब अगला कदम औपचारिक बोली प्रक्रिया का होगा। इसमें विस्तृत प्लान, इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स से जुड़े प्रस्ताव शामिल होंगे। ओसीए इन सभी पहलुओं का मूल्यांकन करेगा। अगर सब कुछ सही रहता है, तो भारत के पास एशियाई खेलों की मेजबानी हासिल करने का मजबूत मौका होगा।
अधूरा नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर
ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।










