एक मई से बदलेंगे ऑनलाइन गेमिंग के नियम: ई-स्पोर्ट्स के लिए पंजीयन जरूरी, उम्र सीमा पर सख्ती

23 अप्रैल 2026
 ई-स्पोर्ट्स के लिए पंजीयन जरूरी, उम्र सीमा पर सख्ती

देश में तेजी से बढ़ते ऑनलाइन गेमिंग और ई-स्पोर्ट्स सेक्टर को अब सख्त नियमों के दायरे में लाया जा रहा है। एक मई से नए नियम लागू होंगे। इन नियमों का मकसद गेमिंग इंडस्ट्री को रेगुलेट करना है। साथ ही यूजर्स की सेफ्टी सुनिश्चित करना भी है। सरकार ने इसके लिए एक नई नियामक संस्था बनाई है। इसका नाम ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ओजीएआई) है। यह संस्था डिजिटल मोड में काम करेगी। इसका संचालन केंद्र सरकार के तहत होगा। चेयरमैन इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव होंगे। अन्य मंत्रालयों के अधिकारी भी इसमें शामिल रहेंगे। इससे गेमिंग सेक्टर में पारदर्शिता आने की उम्मीद है।

नई व्यवस्था के तहत ओजीएआई ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर नजर रखेगा। यह तय करेगा कि कौन से गेम्स को रजिस्ट्रेशन की जरूरत है। कौन से गेम्स बिना पंजीकरण के चल सकते हैं। खास तौर पर ई-स्पोर्ट्स कैटेगरी के गेम्स के लिए पंजीकरण अनिवार्य होगा। हालांकि सोशल गेमिंग प्लेटफॉर्म को इसमें छूट दी गई है। यानी जो गेम सिर्फ मनोरंजन के लिए हैं और जिनमें पैसा शामिल नहीं है, उन्हें रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं होगी। इससे कैजुअल गेमर्स को राहत मिलेगी। वहीं प्रोफेशनल गेमिंग कंपनियों पर सख्ती बढ़ेगी।

उम्र सीमा और केवाईसी अनिवार्य

नए नियमों में यूजर्स की उम्र को लेकर सख्त प्रावधान किए गए हैं। अब सभी गेमिंग प्लेटफॉर्म को केवाईसी बेस्ड एज वेरिफिकेशन लागू करना होगा। इससे नाबालिग यूजर्स को प्रतिबंधित गेम्स से दूर रखा जाएगा। कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी अंडरएज यूजर गलत तरीके से प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल न करे। इसके साथ ही पैरेंटल कंट्रोल सिस्टम भी जरूरी होगा। माता-पिता को बच्चों के गेमिंग टाइम की पूरी जानकारी मिलेगी। वे समय सीमा भी तय कर सकेंगे। इसके लिए डैशबोर्ड फीचर देना होगा। इससे बच्चों की सुरक्षा और हेल्दी गेमिंग आदतों को बढ़ावा मिलेगा।

मनी गेमिंग पर सख्त प्रतिबंध

सरकार ने साफ कर दिया है कि पैसे से जुड़े ऑनलाइन गेम्स पर पूरी तरह प्रतिबंध जारी रहेगा। ऐसे गेम्स को चलाने की अनुमति नहीं होगी। पिछले साल ही इस पर रोक लगा दी गई थी। अब नए नियमों में इसे और सख्ती से लागू किया जाएगा। अगर कोई कंपनी अवैध रूप से मनी गेमिंग सर्विस देती है तो उस पर कड़ी कार्रवाई होगी। दोषी पाए जाने पर तीन साल तक की जेल हो सकती है। साथ ही एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। या दोनों सजा एक साथ दी जा सकती है। नियमों का उल्लंघन करने पर कंपनी का लाइसेंस रद्द या सस्पेंड भी किया जा सकता है।

विदेशी सट्टा एप्स पर सरकार की नजर

सरकार की नजर अब विदेशी सट्टा एप्स पर भी है। ये एप्स भारत में अवैध रूप से काम कर रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी सचिव एस. कृष्णन ने बताया कि ऐसे एप्स को लगातार ब्लॉक किया जा रहा है। खास तौर पर चुनाव के दौरान इनका इस्तेमाल बढ़ जाता है। कई यूजर्स वीपीएन के जरिए इन प्लेटफॉर्म तक पहुंचते हैं। हालांकि सभी वीपीएन को बैन करना आसान नहीं है। क्योंकि कई वीपीएन का उपयोग वैध कार्यों के लिए भी होता है। यही वजह है कि सरकार टारगेटेड एक्शन ले रही है। नए नियमों के लागू होने से गेमिंग इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। यूजर्स की सेफ्टी बढ़ेगी। कंपनियों की जवाबदेही तय होगी। साथ ही ई-स्पोर्ट्स को एक संगठित और सुरक्षित प्लेटफॉर्म मिलेगा।

नव्य जागरण

पूरी खबर पढ़ें ऐप पर

ऐप डाउनलोड करने के लिए QR कोड
ऐप डाउनलोड करने के लिए QR स्कैन करेंGET IT ON Google Play

अधूरा नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर

ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।